• न देख ऐसे आसमान को इतनी हसरत से, मेरे प्यारे दोस्त;
    किसी परिन्दे ने मुँह पर हग दिया तो सारी हसरतों की "माँ चुद" जायेगी!
  • अर्ज़ किया है:
    जिस दिन उनसे दिल लगा बैठे;
    तनहा में सुकून कि माँ चुदा बैठे।
    वो तो सो गयी, किसी और के बिस्तर पे;
    और हम अपनी ही झांटो में आग लगा बैठे।
  • जोश भरे लंड को यूँ ठुकराया नहीं करते;
    यूँ चूत दिखा कर आगे से गुज़र जाया नहीं करते;
    क्या हुआ अगर मेरा घर, महल नहीं किसी राजा का, तो क्या झोंपड़ी में लोग चुदवाया नहीं करते।
  • निगाहों से निगाहें मिला कर तो देखो;
    कभी किसी लड़की को पटा कर तो देखो।

    हसरतें दिल में दबाने से क्या फ़ायदा;
    अपने हाथों से ज़रा दबा कर तो देखो।

    आसमान सिमट जाएगा तुम्हारे आगोश में;
    लड़की की टाँगें फैला कर तो देखो।

    अगर यह ना कर सको तो हार मत मानना;

    दो बूँदें तो ज़रूर गिरेंगी, यारो;
    ज़रा अपने लंड को हिला कर तो देखो।
  • रात होगी तो कंडोम भी दुहाई देगा;
    टांगो के बीच सारा जहां दिखाई देगा;
    ये काम है जानी, जरा संभलकर करना;
    एक कतरा भी गिरा तो 9 महीने बाद सुनाई देगा।
  • मौहब्बत के सिवा और भी गम है जमाने में;
    चुत का भौसडा बन जाता है पैसा कमाने में।
  • प्यार किस्मत है कोई ख्वाब नहीं;
    ये वो खेल है जिसमें सब कामयाब नहीं;
    जिन्हें इश्क की पनाह मिली वो कुछ ही लोग हैं;
    और जिनके लौड़े लग गए उनका तो हिसाब नहीं।
  • Mehboob Ka Dil Todne Ki Saja Nahi Milti;
    Uska Dil Tutne Ki Wajah Bhi Nahi Milti;
    Maal To Buhut Fass Jaate Hain, Mere Dost;
    Par Unhey Thokne Ki Jagah Nahi Milti!
  • मोहब्बत करने वालों को इनकार अच्छा नहीं लगता;
    बहनचोद दुनिया वालों को ये इक़रार अच्छा नहीं लगता;
    जब तक लड़का-लड़की भाग ना जाएँ;
    सालों को प्यार सच्चा नहीं लगता।
  • अर्ज़ किया है:
    उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो;
    उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो;
    पेंटी ना पहनो कोई बात नहीं;
    कम से कम बगीचा तो साफ़ रखो।
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