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वकालत फ्रॉम होम रिव्यु: अंत तक गुदगुदाती है सुमित व्यास और निधि सिंह की जोड़ी
Friday, September 11, 2020 17:56 IST
By Santa Banta News Network
कास्ट: सुमीत व्यास, निधि व्यास, कुबरा सैत, गोपाल दत्त, अकर्ष खुराना

निर्देशक: रोहन सिप्पी

रेटिंग: ***1/2

प्लेटफार्म: अमेज़न प्राइम विडियो

टीवीऍफ़ के सुपरहिट शो 'परमानेंट रूममेट्स' से मशहूर हुई सुमीत व्यास और निधि सिंह की जोड़ी एक बार फिर एक साथ आई है अमेज़न प्राइम की हालिया कॉमेडी सीरीज़ 'वकालत फ्रॉम होम में | कुछ दिन पहले सीरीज का ट्रेलर रिलीज़ हुआ था जिसे देख कर लगा था की फिर एक बार सुमीत और निधि कुछ दिलचस्प लेकर आने वाले हैं| अब आखिर ये सीरीज रिलीज़ हो ह्चुकी है तो आइये देखें के सीरीज भी ट्रेलर जितनी ही मज़ेदार है या नहीं ?

वकालत फ्रॉम होम कहानी है एक शादीशुदा जोड़े सुजिन कोहली (सुमीत व्यास) और रादिका सेन (निधि सेन) की जो की कोरोना वायरस महामारी के बीच लॉकडाउन की वजह से अलग - अलग शहरों में फंसे हुए हैं | कहावत है की लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप ज़्यादा देर नहीं चलता और जल्द ही सुजिन व राधिका के बीच आई ये दूरी भी दोनों के बीच नोक-झोंक का कारण बनने लगती है | राधिका को लगता है की सुजिन का किसी दूसरी औरत के साथ चक्कर है तो वहीँ सुजिन का लगने लगता है की राधिका समलैंगिक है | दोनों के रिश्ते में खटास आने लगती है और आखिर ये एक दुसरे से तलाक़ लेने का फैसला करते हैं |


मज़ेदार बात ये है की कोरोनावायरस महामारी के कारण अदालात की कारवाई भी ऑनलाइन हो रही है | यहीं पर सीरीज़ एक मज़ेदार मोड़ लेती है और शुरू होती है असली 'वकालत फ्रॉम होम'| स्क्रीन पर एंट्री होती होती राजिनी टैकर (कुबरा सैत) और लोबो त्रिपाठी (गोपाल दत्त) की जो सुजिन और राधिका के वकील हैं, एक नार्थ पोल है तो दूसरा साउथ पोल | दोनों का हटके स्वभाव एक मज़ेदार वातावरण तैयार करता है और ज़ूम विडियो कॉल पर शुरू होती है तलाक़ की कारवाई और केस के जज अकर्ष खुराना की एंट्री से सीरीज़ और भी मनोरंजक बन जाती हैं |

रोहन सिप्पी के निर्देशन में बनी ये सीरीज़ अपने आप में एक अनोखा प्रयास है और उन्होंने बेहतरीन काम किया है | निर्देशक के साथ - साथ वकालत फ्रॉम होम की पूरी टीम की सराहना करनी बनती है क्यूंकि साड़ी शूटिंग सिर्फ फ़ोन और लैपटॉप पर करना, छोटी- छोटी क्लिप्स को जोड़ कर एक मनोरंजक शो बनाने एक बेहद मुश्किल काम है जिसे इस सीरीज़ की टीम ने बखूबी किया है | स्क्रीनप्ले, एडिटिंग, और सिनेमेटोग्राफी भी काबिल'ए'तारीफ है और अगर कोई कमी नज़र है भी तो इन सब के सामने नज़र नहीं आती |


सुमीत व्यास की एक्टिंग हमेशा की तरह प्राकृतिक है और आलसी इंसान का किरदार उन पर कुछ ज़्यादा ही फबता है | निधि सिंह भी एक मासूम राधिका का किरदार में बढ़िया परफॉर्म करती हैं | सुमीत और राधिका एक परफेक्ट कपल ओं-स्क्रीन जोड़ी हैं जिन्हें एक साथ देखना हर फ्रेम में बेहद मनोरंजक है |

बात करें गोपाल दत्त की तो उनकी एक्टिंग, डायलॉग डिलीवरी, और हाव-भाव सब कुछ कॉमेडी का एक्स्ट्रा तड़का लगाता है | कुबरा सैत भी अपनी कॉमिक साइड को तराशती दिखती है और हर एपिसोड के साथ उनका किरदार बेहतर होता जाता है |

कुल मिलाकर, 'वकालत फ्रॉम होम' मज़ेदार कॉमेडी है जो आपको खूब हंसाती है और अंत तक गुदगुदाती है | सुमित व्यास और निधि सिंह को एक साथ देख कर जो पैसे आपने अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन लेने पर लगाए हैं वो पूरे के पूरे वसूल हो जाते हैं | पारिवारिक कॉमेडी नहीं है तो इसे मम्मी-पापा या बच्चों के साथ न ही देखें | कॉमेडी और सुमीत - निधि के फैन हैं तो ये सीरीज़ ज़रूर देखें |
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