• हम सब एक हैं!

    वर्मा जी एक कड़क ऑफिसर हैं! स्टाफ अगर लेट आए तो उनको बिलकुल बर्दाश्त नहीं होता! नियम यह था कि जो भी लेट आएगा वह रजिस्टर पर लेट आने का कारण भी लिखेगा!

    उस दिन ऑफिस आने पर जब वर्मा जी ने रजिस्टर देखा तो उनका दिमाग ही ख़राब हो गया! तुरंत दस स्टाफ मेंबर्स को केबिन में बुलाया गया! दस स्टाफ मेंबर्स केबिन में लाइन से गर्दन झुका कर खड़े थे!

    वर्मा जी की आंखों से अंगारे बरस रहे थे और गुस्से से लाल पीले हो रहे थे! इतने में चपरासी मिठाई का डिब्बा लेकर आया और वर्मा जी को दिया!

    वर्मा जी उठे, आंखें तरेरते हुए सारे स्टाफ को मिठाई हाथ में दी और कहा: खाओ! किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था, पर डर के मारे सभी ने मिठाई खा ली!

    "बधाई हो... वर्मा जी चिल्लाए और कहा, "मुझे बहुत ख़ुशी है कि आज ऑफिस में एक साथ दस स्टाफ मेंबर्स की बीवियाँ प्रेग्नेंट हैं और इससे भी बड़े आश्चर्य की बात यह है कि सबकी सोनोग्राफी भी आज ही हुई है! 

    बेवकूफो, रजिस्टर पे लिखते समय यह तो देखो कि ऊपर वाले ने क्या लिखा है? बिना देखे 'Same As Above' लिख देते हो!

    और तो और इससे भी बड़ा आश्चर्य यह है कि इन दस जनों में दो लेडीज भी हैं, जिनकी वाइफ प्रेग्नेंट है !
  • भीख मांगने का तरीका!

    एक बार एक भिखारी भीख माँगने एक घर के दरवाजे पर पहुंचा, दस्तक दी तो अंदर से एक पैंतालीस साल की महिला आयी।

    भिखारी: माताजी भूखे को रोटी दो।

    महिला: शर्म नहीं आती, हट्टे-कट्टे होकर भीख मांगते हो, दो हाथ हैं, दो आंख हैं, पैर हैं, फिर भी भीख मांगते हो?

    भिखारी: माताजी, आप भी खूबसूरत, गोरी-चिट्टी हैं, गजब का फिगर है और अभी आपकी उम्र ही क्या है? आप मुंबई जाकर हीरोइन क्यों नहीं बन जातीं? घर पर बेकार बैठी हो।

    महिला: जरा रुको, मैं अभी तुम्हारे लिए खाना लाती हूं।
  • अजब लोग!

    मेरी पत्नी ने रोटी के छोटे टुकड़े कर दूध में घोलकर डाला, और उसकी फोटो खींचकर फेसबुक पर अपलोड किया!
    उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी भी रेसिपी पूछी जाएगी।

    कॉमेंट्स पढ़ने के बाद, आंखो मेंं अंधेरा छा गया!

    1) दूध गाय का लेना हैं या भैंस का?

    2) रोटी हाथ से तोड़कर घोलनी हैं या Grinder से?

    3) एक रोटी के लिए कितना दूध लेना हैं?

    4) दूध में शक्कर की जगह गुड़ डाल सकते हैं?

    5) एक रोटी के लिए शक्कर कितनी चम्मच डालनी हैं?

    6) दूध ठंडा लेना हैं या गर्म?

    7) रोटी के बदले डबल रोटी चलेगी?

    8) क्या रोटी ताज़ी होनी चाहिए या बासी चलेगी?

    और कुछ शिक्षित Ph.D. लोगों की कॉमेंट्स।

    9) रोटी के लिये आटा तैयार लेना हैं या गेहूं पिसवाकर लेना हैं?

    10) रोटी रुमाली लेनी हैं या फुलका? 

    11) रोटी खुद बनानी हैं या रसोई करनें वाली बाई बनाये तो चलेगा?

    और एक...

    12) रोटी पति बनाये तो चलेगा?
  • यमलोक का चुनाव प्रचार!

    वहां यमराज ने उनका भव्य स्वागत किया, और कहा: इससे पहले कि मैं आपको स्वर्ग या नरक भेजूं पहले मैं चाहता हूँ कि आप दोनों जगहों का मुआयना कर लें कि आपके लिए कौन सी जगह ज्यादा अनुकूल होगी!

    यमराज ने यमदूत को बुलाकर कहा कि नेता जी को एक दिन के लिए नरक और फिर एक दिन स्वर्ग घुमा कर वापिस मेरे पास ले आना...

    यमदूत नेताजी को पहले नरक में ले गया.. नेता तो नरक कि चकाचौंध देखकर हैरान रह गया चारों तरफ हरी भरी घास और बीच में गोल्फ खेलने का मैदान, नेता ने देखा उसके सभी दोस्त वहां घास के मैदानों में शांति से बैठे है और कुछ गोल्फ खेलने का आनंद ले रहे हैं, उन्होंने जब उसे देखा तो वे बहुत खुश हुए और सब उससे गले मिलने आ गए और बीते हुए दिनों कि बातें करने लगे पूरा दिन उन्होंने साथ में गोल्फ खेला, और रात में शराब और मछली का आनंद लिया!

    अगले दिन यमदूत नेता को स्वर्ग लेकर गया जैसे ही वे स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे स्वर्ग का दरवाजा खुला, नेता ने देखा रोशनी से भरा दरबार था स्वर्ग का! सभी लोगों के चेहरे पर असीम शांति कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे, मधुर संगीत बज रहा था, कुछ लोग बादलों के ऊपर तैर रहे थे नेता ने देखा सभी लोग अपने अपने कार्यों में व्यस्त थे, नेता उन सब को गौर से देख रहा था नेता ने बड़ी मुश्किल से एक दिन काटा!

    सुबह जब यमदूत उसे लेकर यमराज के पास पहुंचा तो यमराज ने कहा हाँ तो नेताजी अब आप अपने लिए स्थान चुनिए जहाँ आप को भेजा जाये!

    नेता ने कहा वैसे तो स्वर्ग में बड़ा आनंद है, शांति है फिर भी वहां मेरे लिए समय काटना मुश्किल है, इसलिए आप मुझे नरक भेजिए वहां मेरे सभी साथी भी है, मैं वहां आनंद से रहूँगा यमराज ने उसे नरक भेज दिया!

    यमदूत उसे लेकर जैसे ही नरक पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया वो एक बिलकुल बंजर भूमि पर उतरा, जहाँ चारों ओर कूड़े करकट का ढेर लगा था, उसने देखा उसके सभी दोस्त फटे हुए गंदे कपड़ों में कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे, वो थोड़ा परेशान हुआ और यमदूत की तरफ देखा और कहा मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कल जब मैं यहाँ आया था तो यहाँ घास के हरे भरे मैदान थे, और मेरे सभी दोस्त गोल्फ खेल रहे थे, फिर हमने साथ बैठकर मछली खायी थी और खूब मस्तियाँ की थी! आज तो सब बिल्कुल उल्टा है...

    यमदूत हल्की सी हंसी के साथ बोला: नेताजी *कल हम चुनाव प्रचार पर थे.. और आज आप हमारे पक्ष में मतदान कर चुके हो!