• बेटे के पेट में ब्लेड!

    रात के समय एक डॉक्टर अपने घर पर आराम कर रहा होता है, कि तभी अचानक फोन की घंटी बजती है जैसे ही डॉक्टर फोन उठता है दूसरी ओर से एक औरत की आवाज आती है, "डॉक्टर साहब जल्दी आ जाइए मेरे बेटे ने ब्लेड खा लिया है।"

    यह सुन डॉक्टर कहता है, "आप घबराइए नहीं में बस 10 मिनट में वहां पहुंच रहा हूं।"

    फोन रख डॉक्टर जल्दी से तैयार होने लगता है, कि तभी अचानक फोन की घंटी फिर से बजती है, और डॉक्टर जैसे ही फोन उठता है दूसरी ओर से आवाज आती है।

    "डॉक्टर साहब अब आप आना रहने दीजिये, मेरे पति को दाढ़ी बनाने के लिए दूसरा ब्लेड मिल गया है।"
  • नींद ना आने का इलाज़!

    एक दिन संता थका हारा डॉक्टर के पास आता है और डॉक्टर से कहता है डॉक्टर साहब मेरे पड़ोस में बहुत सारे कुत्ते है जो रात दिन भौंकते रहते है जिस कारण में एक घड़ी के लिए भी नहीं सो पाता।

    डॉक्टर ने कहा इसमें कोई चिंता की बात नहीं है मैं तुम्हें कुछ नींद की गोलियां दे देता हूँ वे इतनी असरदार है कि तुम्हें पता ही नहीं चलेगा कि तुम्हारे पड़ोस में कोई कुत्ता है भी या नहीं। ये दवाइयाँ तुम ले जाओ और अपनी परेशानी दूर करो।

    कुछ हफ्ते बाद संता वापस डॉक्टर के पास आया और पहले से ज्यादा परेशान लग रहा था और डॉक्टर से कहने लगा डॉक्टर साहब आपकी योजना ठीक नहीं थी अब तो मैं पहले से ज्यादा थक गया हूँ।

    डॉक्टर मैं नहीं जानता कि ये कैसे हो गया पर जो दवाईयां दी थी वे नींद आने की सबसे बढ़िया गोलियां थी चलो फिर भी आज मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा असरदार गोलियां देता हूँ।

    संता: क्या ये सचमुच असर करेंगी पर मैं सारी रात कुतों को पकड़ने में लगा रहता हूँ और मुश्किल से अगर एक-आध को पकड़ भी लूँ तो उसके मुहं में गोली डालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • काश देर ना होती!

    एक बार एक औरतो से भरी बस का बहुत ही बुरी तरह से एक्सीडेंट हो गया, और उसमे सवार सभी औरतें मर गयी।

    यह खबर सुन कर उन सभी औरतों के पति घटनास्थल पर पहुंचे और बड़ी जोर जोर से रोने लगे।

    यह सब देख संता जोकि उन आदमियों के साथ घटनास्थल पर गया था वह भी रोने लगा।

    परन्तु कुछ देर बाद जब वे सभी आदमी रो कर चुप हो गए तो संता फिर भी रोता रहा, यह देख कर एक आदमी संता के पास आया और उससे बोला," क्या हुआ भाई क्या तुम्हारी पत्नी भी इस एक्सीडेंट में मर गयी है क्या?"

    संता: नहीं?

    आदमी: तो फिर तुम क्यों इतनी जोर-जोर से रो रहे हो?

    संता: क्योंकि मेरी बीवी की यही बस बस छूट गयी थी।
  • निशाना चूक गया!

    एक बार एक आश्रम में एक गुरु अपने शिष्यों को धनुष बाण चलाना सिखा रहा होता है, जिसमे से एक शिष्य निशाना लगता है परन्तु उसका निशाना चूक जाता है।

    शिष्य: साला निशाना चूक गया।

    गुरू: आश्रम मैं अपशब्द बोलना मना है अब मत बोलना।

    शिष्य दोबारा निशाना लगता है और उसका निशाना फिर से चूक जाता है।

    शिष्य: साला निशाना चूक गया।

    गुरु: मैंने तुम्हे मना किया था फिर भी तुमने अपशब्द बोला, अब यदि तुमने फिर से यह अपशब्द बोला तो एक आकाशवाणी होगी और आकाश से एक बाण निकलेगा जो तुम्हारी आँख फोड़ देगा।

    शिष्य तीसरी बार निशाना लगता है और तीसरी बार फिर उसका निशाना चूक जाता है।

    शिष्य: साला फिर निशाना चूक गया।

    तभी अचानक बिजली कडकती है और आकाश से एक बाण निकल कर गुरु की आँख मैं जाता है और साथ ही आकाशवाणी होती है;

    आकाशवाणी: साला निशाना चूक गया।