• संता की वकालत!

    प्रोफेसर: अगर तुम्हे किसी को संतरा देना हो तो क्या बोलोगे?

    संता: ये संतरा लो।

    प्रोफेसर: नहीं, एक वकील की तरह बोलो।

    संता: मैं एतद द्वारा अपनी पूरी रुचि और बिना किसी के दबाव में यह फल जो संतरा कहलाता है, को उसके छिलके, रस, गुदे और बीज समेत देता हूँ और साथ ही इस बात का सम्पूर्ण अधिकार भी कि इसे लेने वाला इसे काटने, छीलने, फ्रिज में रखने या खाने के लिये पूरी तरह अधिकार रखेगा और साथ ही यह भी अधिकार रखेगा कि इसे वो दूसरे को छिलके, रस, गुदे और बीज के बिना या उसके साथ दे सकता है...और इसके बाद मेरा किसी भी प्रकार से इस संतरे से कोई संबंध नहीं रह जाएगा।
  • शातिर संता!

    एक दिन संता अपनी मोटरसाइकिल पर पाकिस्तान से हिंदुस्तान आते समय बॉर्डर पर पकड़ा गया। उसने अपने कंधे पर एक बड़ा सा बैग लटका रखा था।

    दरोगा बंता ने संता से कड़ककर पूछा,"इस बैग में क्या है?"

    संता ने नम्रतापूर्वक जवाब दिया,"रेत है साब जी।"

    परन्तु दरोगा बंता को जवाब से संतोष नहीं हुआ। उसने सिपाहियों को बैग की तलाशी लेने का आदेश दिया। बैग में सचमुच रेत के अलावा कुछ नहीं निकला तो मजबूरन दरोगा को उसे छोड़ना पड़ा।

    कुछ दिनों बाद फिर इसी तरह संता मोटरसाइकिल पर कंधे पर बैग लटकाए पकड़ा गया । दरोगा बंता ने फिर बैग की तलाशी ली परन्तु उसमें रेत के अलावा कुछ भी ऐसा नहीं निकला जो आपत्तिजनक हो। संता फिर छोड़ दिया गया।

    फिर तो ऐसा महीने में दो-तीन बार होने लगा। दरोगा बंता का शक भी बढ़ने लगा पर कोई सबूत हाथ न लगने से संता हर बार बचकर निकल जाता था।

    लगभग सात-आठ महीने तक यही क्रम चलता रहा फिर एकाएक संता का आना बन्द हो गया। कुछ महीने बाद जब बंता छुट्टी पर आया तब उसने संता को दिल्ली के एक मंहगे होटल में कॉफी की चुस्कियां लेते देखा तो वह उसके पास गया।

    बंता ने बड़े दोस्ताना लहजे में कहा," संता, एक बात बताओ मुझे पूरा यकीन है कि तुम बॉर्डर पर किसी चीज की तस्करी कर रहे थे। पर वह क्या चीज थी जो मेरी नजरें पकड़ नहीं सकीं? कम से कम वह रेत तो बिलकुल नहीं थी।

    संता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया "मोटरसाइकिल"।
  • परेशानी का हल!

    बंता: यार संता क्या इस धरती पर कोई ऐसा इंसान है जिसे परेशानी ना हो?

    संता: नहीं तो।

    बंता: तो यार अगर किसी की ज़िन्दगी में कोई परेशानी हो तो किसके पास जाना चाहिए?

    संता: किसान के पास।

    बंता: किसान के पास वो क्यों?

    संता: क्योंकि उसके पास हल होता है।
  • पति का सपना!

    पति: मैंने रात को सपना देखा।

    पत्नी: क्या देखा?

    पति: कि तुम प्यार कर रही हो।

    पत्नी: किससे?

    पति: वही तो मैं पहचान नहीं सका। रात मैं बिना चश्मे के ही सो गया था।