• परेशानी का हल!

    बंता: यार संता क्या इस धरती पर कोई ऐसा इंसान है जिसे परेशानी ना हो?

    संता: नहीं तो।

    बंता: तो यार अगर किसी की ज़िन्दगी में कोई परेशानी हो तो किसके पास जाना चाहिए?

    संता: किसान के पास।

    बंता: किसान के पास वो क्यों?

    संता: क्योंकि उसके पास हल होता है।
  • पति का सपना!

    पति: मैंने रात को सपना देखा।

    पत्नी: क्या देखा?

    पति: कि तुम प्यार कर रही हो।

    पत्नी: किससे?

    पति: वही तो मैं पहचान नहीं सका। रात मैं बिना चश्मे के ही सो गया था।
  • शराबी संता ने छोड़ी शराब!

    संता ने पीने की गंदी लत छोडऩे का मन बनाया और अपने घर में से दारू की कई बोतलें उठाईं और फेंकने लगा।

    पहली खाली बोतल फेंकते हुए,"तूने मेरा घर बरबाद कर दिया जा भाड़ में"।

    दूसरी खाली बोतल उठाते हुए,"तूने मेरी बीवी से मेरा तलाक करवा दिया ले तेरा काम तमाम"।

    तीसरी खाली बोतल फेंकते हुए,"तूने मेरे बच्चों से मुझे जुदा करवा दिया, जा तू भी जहन्नुम में जा"।

    चौथी खाली बोतल फेंकते हुए,"तूने मेरी नौकरी छुड़वा दी तू भी चूर-चूर हो जा"।

    पांचवीं बोतल उसके हाथ में भरी हुई आ गयी तो संता बोला, "तू यहीं पड़ी रह इन सारी चीजों में तेरा कोई दोष नहीं है"।
  • पत्नी की कीमत!

    पत्नी: सुनो जी अखबार में खबर है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बेच डाला ?

    पति: ओह! कितने में?

    पत्नी: एक साइकिल के बदले में, कहीं तुम भी तो ऐसा नहीं करोंगे।

    पति: मैं इतना मूर्ख थोडे ही हूं, तुम्हारे बदले में तो कार आ सकती हैं।