• शतरंज के खिलाडी!

    एक बार एक शतरंज का ग्रैंडमास्टर संता और बंता से बोला," चलो यार शतरंज खेलते हैं।"

    संता: नहीं, आप तो हमें आसानी से हरा दोगे।

    ग्रैंडमास्टर: अच्छा चलो, तुम दोनों और मैं अकेला।

    बंता: फिर भी हम हार जाएंगे।

    ग्रैंडमास्टर: ठीक है, चलो मैं बाएँ हाथ से खेलूंगा।

    संता-बंता: हाँ फिर ठीक है।

    ग्रैंडमास्टर संता बंता को हरा कर चला जाता है।

    संता: बड़ी शर्मनाक बात है यार, उसने हमें उल्टे हाथ से भी हरा दिया।

    बंता: अबे, वो हमें बेवकूफ़ बना गया।

    संता: कैसे?

    बंता: वो लेफ़्टी ही होगा।
  • संता की मेहनत का राज़!

    एक बार संता की नई-नई शादी हुई, लेकिन फिर भी वह शाम को दफ्तर से घर जाने में कोई जल्दी नहीं दिखाता और काफी देर तक दफ्तर में ही बैठा रहता।

    जब काफी दिन तक यह सिलसिला चलता रहा तो एक दिन उसके बॉस ने उससे इसका कारण पूछा, " यार संता अभी तुम्हारी नई-नई शादी हुई है फिर भी तुम देर तक दफ्तर में ही बैठे रहते हो क्या बात सब ठीक तो है?"

    संता: बिल्कुल सर, पर दरअसल, बात यह है कि मेरी पत्‍‌नी भी नौकरी करती है और हम दोनों में से जो भी घर पहले पहुंचता है खाना उसे ही बनाना पड़ता है बस इसीलिए।
  • घोड़े की दवा!

    एक बार संता के घोड़े को कब्ज़ हो जाती है तो वह जानवरों के डॉक्टर के पास जाता है और उस से कहता है," डॉक्टर साहब मेरे घोड़े को बहुत ही बुरी तरह से कब्ज़ हो गयी है, जिस वजह से वह ठीक तरह से शौच भी नहीं जा पा रहा है।

    संता की बात सुन कर डॉक्टर उसे एक गोली देता है और कहता है, " यह लो यह पेट साफ़ करने की गोली है, तुम इसे पशुओं को दवाई देने वाली नली में रख कर इसका एक सिरा घोड़े के मुंह में डाल देना और दूसरी तरफ से फूंक मार देना ताकि गोली घोड़े के पेट में चली जाए, और कुछ देर बाद ही तुम देखोगे की घोड़े के शौच एकदम सामान्य हो जायेंगे और उसका पेट भी बिल्कुल साफ़ हो जाएगा।"

    डॉक्टर की बात सुन संता दवा लेकर घर चला जाता है।

    कुछ देर बाद जब डॉक्टर अपने चिकित्सालय में बैठा होता है तो संता बदहवास सा अपना पेट पकडे डॉक्टर के पास आता है जिसे देख कर डॉक्टर उस से पूछता है।

    डॉक्टर: अरे संता क्या हुआ तुम्हारी तो हालत बड़ी ही खराब लग रही है?

    संता : अरे डॉक्टर साहब क्या बताऊँ ये सब घोड़े को दवाई देने के चक्कर में हो गया।

    संता की बात सुन डॉक्टर हैरान सा होकर पूछता है, "वो कैसे?"

    संता: अरे डॉक्टर साहब आपने घोड़े को दवाई देने का जो तरीका बताया था, मैंने बिल्कुल वैसा ही किया बस किस्मत ही खराब थी की मेरे से पहले घोड़े ने फूँक मार दी।
  • काश देर ना होती!

    एक बार एक औरतो से भरी बस का बहुत ही बुरी तरह से एक्सीडेंट हो गया, और उसमे सवार सभी औरतें मर गयी।

    यह खबर सुन कर उन सभी औरतों के पति घटनास्थल पर पहुंचे और बड़ी जोर जोर से रोने लगे।

    यह सब देख संता जोकि उन आदमियों के साथ घटनास्थल पर गया था वह भी रोने लगा।

    परन्तु कुछ देर बाद जब वे सभी आदमी रो कर चुप हो गए तो संता फिर भी रोता रहा, यह देख कर एक आदमी संता के पास आया और उससे बोला," क्या हुआ भाई क्या तुम्हारी पत्नी भी इस एक्सीडेंट में मर गयी है क्या?"

    संता: नहीं?

    आदमी: तो फिर तुम क्यों इतनी जोर-जोर से रो रहे हो?

    संता: क्योंकि मेरी बीवी की यही बस बस छूट गयी थी।