• ठंड तो ऐसे गायब हुई जैसे...
.
.
.
.
 ज़रूरत पड़ने पर रिश्तेदार!
    ठंड तो ऐसे गायब हुई जैसे... . . . . ज़रूरत पड़ने पर रिश्तेदार!
  • पहले लोग भावुक हुआ करते थे, रिश्ते निभाते थे!</br>
फिर प्रैक्टिकल हुए, रिश्तों से फायदा उठाते थे!</br>
और अब प्रोफेशनल है, फायदा उठया जाये, ऐसे रिश्ते बनाते हैं!
    पहले लोग भावुक हुआ करते थे, रिश्ते निभाते थे!
    फिर प्रैक्टिकल हुए, रिश्तों से फायदा उठाते थे!
    और अब प्रोफेशनल है, फायदा उठया जाये, ऐसे रिश्ते बनाते हैं!
  • हमेशा अच्छे लेक्चर देने वाला दोस्त...</br>
ज़िन्दगी के सारे कांड कर चुका होता है!
    हमेशा अच्छे लेक्चर देने वाला दोस्त...
    ज़िन्दगी के सारे कांड कर चुका होता है!
  • हमेशा अपने दोस्तों की सुनो,</br>
क्योंकि उनके घर में उनकी कोई नहीं सुनता!
    हमेशा अपने दोस्तों की सुनो,
    क्योंकि उनके घर में उनकी कोई नहीं सुनता!
  • डरता हूँ कहीं दोस्ती पर टैक्स ना लगा दे सरकार;</br>
क्योंकि मेरी ये संपत्ति मेरी आय से अधिक है!
    डरता हूँ कहीं दोस्ती पर टैक्स ना लगा दे सरकार;
    क्योंकि मेरी ये संपत्ति मेरी आय से अधिक है!
  • दोस्ती ना कभी इम्तिहान लेती है,<br/>
दोस्ती ना कभी इम्तिहान देती है,<br/>
दोस्ती तो वो है... जो बारिश में भीगे हुए चेहरे पर भी आँसुओं को पहचान लेती है!
    दोस्ती ना कभी इम्तिहान लेती है,
    दोस्ती ना कभी इम्तिहान देती है,
    दोस्ती तो वो है... जो बारिश में भीगे हुए चेहरे पर भी आँसुओं को पहचान लेती है!
  • आपकी हँसी हमें बहुत प्यारी लगती है,<br/>
आपकी हर खुशी हमें हमारी लगती है,<br/>
कभी दूर ना करना खुद से हमें,<br/>
आपकी दोस्ती जान से प्यारी लगती है।
    आपकी हँसी हमें बहुत प्यारी लगती है,
    आपकी हर खुशी हमें हमारी लगती है,
    कभी दूर ना करना खुद से हमें,
    आपकी दोस्ती जान से प्यारी लगती है।
  • हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से;<br/>
कमबख्त दुःख की सारी लकीरें मिट गयी!
    हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से;
    कमबख्त दुःख की सारी लकीरें मिट गयी!
  • तीन रिश्ते तीन वक़्त में ही पहचाने जा सकते हैं!<br/>
पत्नी: गरीबी में!<br/>
दोस्त: मुसीबत में!<br/>
औलाद: बुढ़ापे में!
    तीन रिश्ते तीन वक़्त में ही पहचाने जा सकते हैं!
    पत्नी: गरीबी में!
    दोस्त: मुसीबत में!
    औलाद: बुढ़ापे में!
  • 'दोस्त' शब्द का अर्थ बड़ा ही मस्त होता है!<br/>
हमारे 'दोष' का जो 'अस्त' करे वही 'दोस्त' होता है!
    'दोस्त' शब्द का अर्थ बड़ा ही मस्त होता है!
    हमारे 'दोष' का जो 'अस्त' करे वही 'दोस्त' होता है!