• ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैंने; <br/>
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला!
    ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैंने;
    बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला!
    ~ Bashir Badr
  • यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं; <br/>
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे!
    यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं;
    मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे!
    ~ Bashir Badr
  • घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे;<br/>
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला!
    घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे;
    बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला!
    ~ Bashir Badr
  • उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो;<br/>
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए!
    उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो;
    न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए!
    ~ Bashir Badr
  • ये देखो फिर से आ गईं फूलों पे तितलियाँ;<br/>
इक रोज़ वो भी आएगा अफ़्सोस मत करो!
    ये देखो फिर से आ गईं फूलों पे तितलियाँ;
    इक रोज़ वो भी आएगा अफ़्सोस मत करो!
    ~ Bashir Badr
  • मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी;
    किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी!
    ~ Bashir Badr
  • पतझड़ की कहानियाँ सुना सुना के उदास ना कर,<br/>
नए मौसमों का पता बता, जो गुज़र गया सो गुज़र गया!
    पतझड़ की कहानियाँ सुना सुना के उदास ना कर,
    नए मौसमों का पता बता, जो गुज़र गया सो गुज़र गया!
    ~ Bashir Badr
  • वो इत्र-दान सा लहजा मेरे बुज़ुर्गों का;<br/>
रची-बसी हुई उर्दू ज़बान की ख़ुश्बू!
    वो इत्र-दान सा लहजा मेरे बुज़ुर्गों का;
    रची-बसी हुई उर्दू ज़बान की ख़ुश्बू!
    ~ Bashir Badr
  • हम भी दरिया हैं हमें, अपना हुनर मालूम है;<br/>
जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जायेगा।
    हम भी दरिया हैं हमें, अपना हुनर मालूम है;
    जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जायेगा।
    ~ Bashir Badr
  • कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से;<br/>
ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
    कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से;
    ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
    ~ Bashir Badr