• यदि मार्ग काँटों भरा हो, और आप नंगे पांव हो तो रास्ता बदल लेना चाहिए।
    यदि मार्ग काँटों भरा हो, और आप नंगे पांव हो तो रास्ता बदल लेना चाहिए।
    ~ Chanakya
  • आलसी मनुष्य का वर्तमान और भविष्य नहीं होता है।
    आलसी मनुष्य का वर्तमान और भविष्य नहीं होता है।
    ~ Chanakya
  • वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों की जड़ लगाव है। इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए।
    वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों की जड़ लगाव है। इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए।
    ~ Chanakya
  • एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।
    एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।
    ~ Chanakya
  • अगर सांप ज़हरीला ना भी हो तो उसे खुद को ज़हरीला दिखाना चाहिए यानि हमें खुद को योग्य बताना चाहिए!
    अगर सांप ज़हरीला ना भी हो तो उसे खुद को ज़हरीला दिखाना चाहिए यानि हमें खुद को योग्य बताना चाहिए!
    ~ Chanakya
  • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है! एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है! शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है!
    शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है! एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है! शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है!
    ~ Chanakya
  • किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना!
    किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना!
    ~ Chanakya
  • जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।
    जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती।
    ~ Chanakya
  • जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।
    जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।
    ~ Chanakya
  • जैसे ही भय आपके करीब आये, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये!
    जैसे ही भय आपके करीब आये, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये!
    ~ Chanakya