• मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया;<br/>
जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया!
    मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया;
    जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया!
  • तुझे पल भर को भी भूल जाने की कोशिश कभी कामयाब न हुई;<br/>
तेरी याद शाख-ऐ-गुलाब थी जो हवा चली तो महक उठी!
    तुझे पल भर को भी भूल जाने की कोशिश कभी कामयाब न हुई;
    तेरी याद शाख-ऐ-गुलाब थी जो हवा चली तो महक उठी!
  • धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,<br/>
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,<br/>
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,<br/>
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है!
    धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
    ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
    तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
    हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है!
  • उनकी जुल्फों की खूबसूरती और बढ़ गई;<br/>
जब एक गुलाब उनके बालो में सज गई!
    उनकी जुल्फों की खूबसूरती और बढ़ गई;
    जब एक गुलाब उनके बालो में सज गई!
  • उसके जाने के बाद हम तन्हा हो गए;<br/>
उसकी मोहब्बत में हम फना हो गए!
    उसके जाने के बाद हम तन्हा हो गए;
    उसकी मोहब्बत में हम फना हो गए!
  • उसने मुड़कर नहीं देखा आजतक;<br/>
हमने इंतजार किया आखिरी सांस तक!
    उसने मुड़कर नहीं देखा आजतक;
    हमने इंतजार किया आखिरी सांस तक!
  • तुम मुझे कभी दिल से कभी आँखों से पुकारो;<br/>
ये होठों के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए होते हैं!
    तुम मुझे कभी दिल से कभी आँखों से पुकारो;
    ये होठों के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए होते हैं!
  • कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा;<br/>
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिखा भी बदलता है!
    कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा;
    मुझे मालूम है क़िस्मत का लिखा भी बदलता है!
  • अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे;<br/>
बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे!<br/>
* बे-हिस- बेसुध
    अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे;
    बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे!
    * बे-हिस- बेसुध
    ~ Shakeel Badayuni
  • ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है;<br/>
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है!
    ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है;
    ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है!