• ढूँढोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम;<br/>
जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम!
    ढूँढोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम;
    जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम!
    ~ Shad Azimabadi
  • मैं उन्हीं ख़ूबियों का मालिक हूँ;<br/>
आप जिनको कमी समझते हैं!
    मैं उन्हीं ख़ूबियों का मालिक हूँ;
    आप जिनको कमी समझते हैं!
  • कुछ रोते में कट गयी, कुछ आहों में कट गयी;<br/>
कुछ सोते में कट गयी, कुछ गुनाहों में कट गयी;<br/>
मंज़िल पे चलने वाले मंज़िल पे जा लगे;<br/>
राहें बदलने वालों की राहों में कट गयी!
    कुछ रोते में कट गयी, कुछ आहों में कट गयी;
    कुछ सोते में कट गयी, कुछ गुनाहों में कट गयी;
    मंज़िल पे चलने वाले मंज़िल पे जा लगे;
    राहें बदलने वालों की राहों में कट गयी!
  • अगर पाना है मंजिल तो अपना रहनुमा खुद बनो;<br/>
वो अक्सर भटक जाते हैं जिन्हें सहारा मिल जाता है!
    अगर पाना है मंजिल तो अपना रहनुमा खुद बनो;
    वो अक्सर भटक जाते हैं जिन्हें सहारा मिल जाता है!
  • जिन के होंटों पे हँसी पाँव में छाले होंगे;<br/>
वही लोग अपनी मंजिल को पाने वाले होंगे!
    जिन के होंटों पे हँसी पाँव में छाले होंगे;
    वही लोग अपनी मंजिल को पाने वाले होंगे!
  • हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है;<br/>
जिस तरफ़ भी चल पड़ेगे, रास्ता हो जाएगा!
    हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है;
    जिस तरफ़ भी चल पड़ेगे, रास्ता हो जाएगा!
  • उठो तो ऐसे उठो कि फक्र हो बुलंदी को;<br/>
झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ करे!
    उठो तो ऐसे उठो कि फक्र हो बुलंदी को;
    झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ करे!
  • कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी;<br/>
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है!
    कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी;
    हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है!
  • चूम लो हर मुश्किल को अपना मान कर; <br/>
क्योंकि ज़िन्दगी कैसी भी है... है तो अपनी ही!
    चूम लो हर मुश्किल को अपना मान कर; 
    क्योंकि ज़िन्दगी कैसी भी है... है तो अपनी ही!
  • संघर्ष में आदमी अकेला होता है,<br/>
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,<br/>
जब-जब जग किसी पर हँसा है,<br/>
तब-तब उसी ने इतिहास रचा है!
    संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
    सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
    जब-जब जग किसी पर हँसा है,
    तब-तब उसी ने इतिहास रचा है!