• अगर यकीन होता की कहने से रुक जायेंगे,<br/>
तो हम भी हँसकर उनको पुकार लेते;<br/>
मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,<br/>
के हम भी दो पल खुशी से गुजार लेते!
    अगर यकीन होता की कहने से रुक जायेंगे,
    तो हम भी हँसकर उनको पुकार लेते;
    मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,
    के हम भी दो पल खुशी से गुजार लेते!
  • ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है;<br/>
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है!
    ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है;
    ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है!
  • पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का हाल;<br/>
अब शहर भर में जिक्र मेरी खुदकुशी का है!
    पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का हाल;
    अब शहर भर में जिक्र मेरी खुदकुशी का है!
  • दे कर उसके हाथ अपने स्कूल की डायरी;<br/>
दुखते दिल से कहा जज्बातों की रद्दी है साहब, सही भाव तो लगा लो!
    दे कर उसके हाथ अपने स्कूल की डायरी;
    दुखते दिल से कहा जज्बातों की रद्दी है साहब, सही भाव तो लगा लो!
  • लब तो खामोश रहेंगे ये वादा है तुमसे मेरा;
    अगर कह दें कुछ निगाहें तो खफा ना होना!
  • मैंने पूछा कैसे जान जाते हो मेरे दिल की बातें,<br/>

वो बोली जब रूह में बसे हो फिर ये सवाल क्यूँ।
    मैंने पूछा कैसे जान जाते हो मेरे दिल की बातें,
    वो बोली जब रूह में बसे हो फिर ये सवाल क्यूँ।
  • मै भी तलाश में हूँ किसी अपने की;<BR/>
कोई तुम सा हो लेकिन किसी और का ना हो!
    मै भी तलाश में हूँ किसी अपने की;
    कोई तुम सा हो लेकिन किसी और का ना हो!
  • बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;<BR/>
लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
    बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;
    लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
  • एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;<br/>
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!
    एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;
    मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!
  • मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;<br/>
मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;
    मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    ~ Parveen Shakir