• दिल पे जज़्बों का राज है साहब;<br/>
इश्क़ अपना मिज़ाज है साहब!
    दिल पे जज़्बों का राज है साहब;
    इश्क़ अपना मिज़ाज है साहब!
    ~ Lubna Safdar
  • लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से;<br/>
तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से!
    लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से;
    तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से!
    ~ Jaan Nisar Akhtar
  • उस की सूरत का तसव्वुर दिल में जब लाते हैं हम;<br/>
ख़ुद-ब-ख़ुद अपने से हमदम आप घबराते हैं हम!
    उस की सूरत का तसव्वुर दिल में जब लाते हैं हम;
    ख़ुद-ब-ख़ुद अपने से हमदम आप घबराते हैं हम!
    ~ Ghamgeen Dehlvi
  • जब मोहब्बत का किसी शय पे असर हो जाए;<br/>
एक वीरान मकाँ बोलता घर हो जाए!
    जब मोहब्बत का किसी शय पे असर हो जाए;
    एक वीरान मकाँ बोलता घर हो जाए!
    ~ Darvesh Bharti
  • जो चाहते हो सो कहते हो चुप रहने की लज़्ज़त क्या जानो;<br/>
ये राज़-ए-मोहब्बत है प्यारे तुम राज़-ए-मोहब्बत क्या जानो!
    जो चाहते हो सो कहते हो चुप रहने की लज़्ज़त क्या जानो;
    ये राज़-ए-मोहब्बत है प्यारे तुम राज़-ए-मोहब्बत क्या जानो!
    ~ Aal-e-Raza Raza
  • धूप रुख़्सत हुई शाम आई सितारा चमका; <br/>
गर्द जब बैठ गई नाम तुम्हारा चमका!
    धूप रुख़्सत हुई शाम आई सितारा चमका;
    गर्द जब बैठ गई नाम तुम्हारा चमका!
    ~ Rabab Rashidi
  • इकरार किसी दिन है तो इंकार किसी दिन;<br/>
हो जाएगी अब आप से तकरार किसी दिन!
    इकरार किसी दिन है तो इंकार किसी दिन;
    हो जाएगी अब आप से तकरार किसी दिन!
    ~ Badr Wasti
  • हैरतों के सिलसिले सोज़-ए-निहाँ तक आ गए;<br/>
हम नज़र तक चाहते थे तुम तो जाँ तक आ गए!
    हैरतों के सिलसिले सोज़-ए-निहाँ तक आ गए;
    हम नज़र तक चाहते थे तुम तो जाँ तक आ गए!
  • ग़ुंचे-ग़ुंचे पे गुलिस्ताँ के निखार आ जाए; <br/>
जिस तरफ़ से वो गुज़र जाएँ बहार आ जाए !
    ग़ुंचे-ग़ुंचे पे गुलिस्ताँ के निखार आ जाए;
    जिस तरफ़ से वो गुज़र जाएँ बहार आ जाए !
    ~ Naaz Muradabadi
  • अभी तो ताजा है इश्क़ हजार कसमें खाओगे; <br/>
जरा पक जाने दो फिर देखेंगे कितना निभाओगे!
    अभी तो ताजा है इश्क़ हजार कसमें खाओगे;
    जरा पक जाने दो फिर देखेंगे कितना निभाओगे!