• ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को;</br>
अपने अंदाज़ से गँवाने का!</br></br>
*फ़न:  कला
    ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को;
    अपने अंदाज़ से गँवाने का!

    *फ़न: कला
    ~ Jaun Elia
  • दर्द उल्फ़त का न हो तो ज़िंदगी का क्या मज़ा;</br>
आह-ओ-ज़ारी ज़िंदगी है बे-क़रारी ज़िंदगी!</br></br>

*आह-ओ-ज़ारी: विलाप/शोक
    दर्द उल्फ़त का न हो तो ज़िंदगी का क्या मज़ा;
    आह-ओ-ज़ारी ज़िंदगी है बे-क़रारी ज़िंदगी!

    *आह-ओ-ज़ारी: विलाप/शोक
    ~ Ghulam Bhik Nairang
  • मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है;</br>
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है!
    मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है;
    ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है!
    ~ Ahsan Marahravi
  • ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा;<br/>
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा!
    ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा;
    क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा!
    ~ Gulzar
  • यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें;<br/>
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो!
    यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें;
    इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो!
    ~ Nida Fazli
  • ज़िंदगी एक हादसा है और कैसा हादसा;<br/>
मौत से भी ख़त्म जिस का सिलसिला होता नहीं!
    ज़िंदगी एक हादसा है और कैसा हादसा;
    मौत से भी ख़त्म जिस का सिलसिला होता नहीं!
    ~ Jigar Moradabadi
  • धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो;<br/>
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो!
    धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो;
    ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो!
    ~ Nida Fazli
  • ज़िंदगी क्या जो बसर हो चैन से;<br/>
दिल में थोड़ी सी तमन्ना चाहिए!
    ज़िंदगी क्या जो बसर हो चैन से;
    दिल में थोड़ी सी तमन्ना चाहिए!
    ~ Jaleel Manikpuri
  • तू कहानी ही के पर्दे में भली लगती है;<br/>
ज़िंदगी तेरी हक़ीक़त नहीं देखी जाती!
    तू कहानी ही के पर्दे में भली लगती है;
    ज़िंदगी तेरी हक़ीक़त नहीं देखी जाती!
    ~ Akhtar Saeed Khan
  • जो गुज़ारी न जा सकी हम से;<br/>

हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है!
    जो गुज़ारी न जा सकी हम से;
    हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है!
    ~ Jaun Elia