• तेज़ है आज दर्द-ए-दिल साक़ी;</br>
तल्ख़ी-ए-मय को तेज़-तर कर दे!</br></br>

* तल्ख़ी-ए-मय:  bitterness of the wine
    तेज़ है आज दर्द-ए-दिल साक़ी;
    तल्ख़ी-ए-मय को तेज़-तर कर दे!

    * तल्ख़ी-ए-मय: bitterness of the wine
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • दर्द-ओ-ग़म दिल की तबीयत बन गए;</br>
अब यहाँ आराम ही आराम है!
    दर्द-ओ-ग़म दिल की तबीयत बन गए;
    अब यहाँ आराम ही आराम है!
    ~ Jigar Moradabadi
  • सुन चुके जब हाल मेरा ले के अंगड़ाई कहा;</br>
किस ग़ज़ब का दर्द ज़ालिम तेरे अफ़्साने में था!
    सुन चुके जब हाल मेरा ले के अंगड़ाई कहा;
    किस ग़ज़ब का दर्द ज़ालिम तेरे अफ़्साने में था!
    ~ Shad Azimabadi
  • मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ मैं;</br>
फिर उस के बाद गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं!
    मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ मैं;
    फिर उस के बाद गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं!
    ~ Farhat Ehsas
  • अज़ाब होती हैं अक्सर शबाब की घड़ियाँ;</br>
गुलाब अपनी ही ख़ुश्बू से डरने लगते हैं!
    अज़ाब होती हैं अक्सर शबाब की घड़ियाँ;
    गुलाब अपनी ही ख़ुश्बू से डरने लगते हैं!
    ~ Badr Wasti
  • मेरी क़िस्मत में ग़म अगर इतना था;</br>
दिल भी या-रब कई दिए होते!
    मेरी क़िस्मत में ग़म अगर इतना था;
    दिल भी या-रब कई दिए होते!
    ~ Mirza Ghalib
  • वो अक्स बनके मेरी चश्म-ए-तर में रहता है;<br/>
अजीब शख़्स है पानी के घर में रहता है!
    वो अक्स बनके मेरी चश्म-ए-तर में रहता है;
    अजीब शख़्स है पानी के घर में रहता है!
    ~ Bismil Sabri
  • दर्द हो दिल में तो दवा कीजिये;<br/>
और जो दिल ही न हो तो क्या कीजिये!
    दर्द हो दिल में तो दवा कीजिये;
    और जो दिल ही न हो तो क्या कीजिये!
    ~ Manzar Lakhnavi
  • कभी इश्क़ करो और फिर देखो इस आग में जलते रहने से;<br/>
कभी दिल पर आँच नहीं आती कभी रंग ख़राब नहीं होता!
    कभी इश्क़ करो और फिर देखो इस आग में जलते रहने से;
    कभी दिल पर आँच नहीं आती कभी रंग ख़राब नहीं होता!
    ~ Saleem Kausar
  • बहार आए तो मेरा सलाम कह देना;<br/>
मुझे तो आज तलब कर लिया है सहरा ने!
    बहार आए तो मेरा सलाम कह देना;
    मुझे तो आज तलब कर लिया है सहरा ने!
    ~ Kaifi Azmi