• अभी से पाँव के छाले न देखो;</br>
अभी यारो सफ़र की इब्तिदा है!</br></br>
*इब्तिदा: शुरुआत
    अभी से पाँव के छाले न देखो;
    अभी यारो सफ़र की इब्तिदा है!

    *इब्तिदा: शुरुआत
    ~ Ejaz Rahmani
  • मेरे अंदर कई एहसास पत्थर हो रहे हैं;</br>
ये शीराज़ा बिखरना अब ज़रूरी हो गया है!</br></br>
*शीराज़ा: बिखरी हुई चीज़ों की एकत्रता
    मेरे अंदर कई एहसास पत्थर हो रहे हैं;
    ये शीराज़ा बिखरना अब ज़रूरी हो गया है!

    *शीराज़ा: बिखरी हुई चीज़ों की एकत्रता
    ~ Khushbir Singh Shaad
  • जब हुआ ज़िक्र ज़माने में मोहब्बत का 'शकील';</br>
मुझ को अपने दिल-ए-नाकाम पे रोना आया!
    जब हुआ ज़िक्र ज़माने में मोहब्बत का 'शकील';
    मुझ को अपने दिल-ए-नाकाम पे रोना आया!
    ~ Shakeel Badayuni
  • हम ने काँटों को भी नरमी से छुआ है अक्सर;</br>
लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं!
    हम ने काँटों को भी नरमी से छुआ है अक्सर;
    लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं!
    ~ Bismil Saeedi
  • मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते;</br>
है कोई ख़्वाब की ताबीर बताने वाला!
    मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते;
    है कोई ख़्वाब की ताबीर बताने वाला!
    ~ Ahmad Faraz
  • दिल में एक दर्द उठा आँखों में आँसू भर आए;</br>
बैठे बैठे हमें क्या जानिए क्या याद आया!
    दिल में एक दर्द उठा आँखों में आँसू भर आए;
    बैठे बैठे हमें क्या जानिए क्या याद आया!
    ~ Wazir Ali Saba Lakhnavi
  • दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से;</br>
इस घर को आग लग गई घर के चराग़ से!
    दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से;
    इस घर को आग लग गई घर के चराग़ से!
  • मेरी मजबूरियाँ क्या पूछते हो;</br>
कि जीने के लिए मजबूर हूँ मैं!
    मेरी मजबूरियाँ क्या पूछते हो;
    कि जीने के लिए मजबूर हूँ मैं!
    ~ Hafeez Jalandhari
  • दर्द-ए-दिल कितना पसंद आया उसे;</br>
मैंने जब की आह उस ने वाह की!
    दर्द-ए-दिल कितना पसंद आया उसे;
    मैंने जब की आह उस ने वाह की!
    ~ Aasi Ghazipuri
  • हमारी मुस्कुराहट पर न जाना;<br/>
दिया तो क़ब्र पर भी जल रहा है!
    हमारी मुस्कुराहट पर न जाना;
    दिया तो क़ब्र पर भी जल रहा है!
    ~ Aanis Moin