• काँटों से गुज़र जाता हूँ दामन को बचा कर; <br/>
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ!
    काँटों से गुज़र जाता हूँ दामन को बचा कर;
    फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ!
    ~ Shakeel Badayuni
  • कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना,<br/>
मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं!
    कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना,
    मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं!
  • अब क्या बताये किसी को कि ये क्या सजा है;<br/>
इस बेनाम ख़ामोशी की क्या वजह है!
    अब क्या बताये किसी को कि ये क्या सजा है;
    इस बेनाम ख़ामोशी की क्या वजह है!
  • दुःख तो अपने ही देते हैं,<br/>
वरना गैरों को कैसे पता कि हमें तकलीफ किस बात से होती है!
    दुःख तो अपने ही देते हैं,
    वरना गैरों को कैसे पता कि हमें तकलीफ किस बात से होती है!
  • छोड़ो ना यार, क्या रखा है सुनने और सुनाने में;<br/>
किसी ने कसर नहीं छोड़ी दिल दुखाने में!
    छोड़ो ना यार, क्या रखा है सुनने और सुनाने में;
    किसी ने कसर नहीं छोड़ी दिल दुखाने में!
  • रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे;<br/>
एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है!
    रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे;
    एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है!
  • तू साथ होकर भी साथ नहीं होती;<br/>अब तो राहत में भी राहत नहीं होती!
    तू साथ होकर भी साथ नहीं होती;
    अब तो राहत में भी राहत नहीं होती!
    ~ Rishi Kapoor
  • ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया;<br/>
वक़्त को दवा बताया, ख्वाहिशों से परहेज़ बताया!
    ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया;
    वक़्त को दवा बताया, ख्वाहिशों से परहेज़ बताया!
  • आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,<br/>
मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।
    आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,
    मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।
    ~ Mirza Ghalib
  • सारी दुनिया के गम हमारे हैं;<br/>और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!
    सारी दुनिया के गम हमारे हैं;
    और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!