• रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे;<br/>
एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है!
    रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे;
    एक दर्द जो दिल में है मरता ही नहीं है!
  • तू साथ होकर भी साथ नहीं होती;<br/>अब तो राहत में भी राहत नहीं होती!
    तू साथ होकर भी साथ नहीं होती;
    अब तो राहत में भी राहत नहीं होती!
    ~ Rishi Kapoor
  • ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया;<br/>
वक़्त को दवा बताया, ख्वाहिशों से परहेज़ बताया!
    ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया;
    वक़्त को दवा बताया, ख्वाहिशों से परहेज़ बताया!
  • आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,<br/>
मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।
    आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,
    मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।
    ~ Mirza Ghalib
  • सारी दुनिया के गम हमारे हैं;<br/>और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!
    सारी दुनिया के गम हमारे हैं;
    और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं!
  • क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में;<br/>
जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता है।
    क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में;
    जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता है।
  • इक टूटी-सी ज़िंदगी को समेटने की चाहत थी;<br/>
न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेर बैठेंगे हम।
    इक टूटी-सी ज़िंदगी को समेटने की चाहत थी;
    न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेर बैठेंगे हम।
  • खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,<br/>
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;<br/>
देर हो गयी याद करने में जरूर,<br/>
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।
    खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
    दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;
    देर हो गयी याद करने में जरूर,
    लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।
  • सुना है उस को मोहब्बत दुआएँ देती हैं;<br/>
जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे।
    सुना है उस को मोहब्बत दुआएँ देती हैं;
    जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे।
  • पांवोंं के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र;<br/>
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।
    पांवोंं के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र;
    सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।