• सब कुछ बदला बदला था जब बरसो बाद मिले;<br />
हाथ भी न थाम सके वो इतने पराये से लगे।
    सब कुछ बदला बदला था जब बरसो बाद मिले;
    हाथ भी न थाम सके वो इतने पराये से लगे।
  • तेरे इश्क की दुनिया में हर कोई मजबूर है;
    पल में हँसी पल में आँसू ये चाहत का दस्तूर है;
    जिसे मिली न मोहब्बत उसके ज़ख्मो का कोई हिसाब नहीं;
    ये मोहब्बत पाने वाला भी दर्द से कहाँ दूर है।
  • टूटे हुए पैमाने में कभी जाम नहीं आता;<br />
इश्क़ के मरीज़ों को कभी आराम नहीं आता;<br />
ऐ दिल तोड़ने वाले तुमने यह नहीं सोचा;<br />
कि टूटा हुआ दिल कभी किसी के काम नहीं आता।
    टूटे हुए पैमाने में कभी जाम नहीं आता;
    इश्क़ के मरीज़ों को कभी आराम नहीं आता;
    ऐ दिल तोड़ने वाले तुमने यह नहीं सोचा;
    कि टूटा हुआ दिल कभी किसी के काम नहीं आता।
  • तेरे हसीन तस्सवुर का आसरा लेकर;<br />
दुखों के काँटे में सारे समेट लेता हूँ;<br />
तुम्हारा नाम ही काफी है राहत-ए-जान को;<br />
जिससे ग़मों की तेज़ हवाओं को मोड़ देता हूँ।
    तेरे हसीन तस्सवुर का आसरा लेकर;
    दुखों के काँटे में सारे समेट लेता हूँ;
    तुम्हारा नाम ही काफी है राहत-ए-जान को;
    जिससे ग़मों की तेज़ हवाओं को मोड़ देता हूँ।
  • छोटी सी ज़िन्दगी में अरमान बहुत थे;
    हमदर्द कोई न था इंसान बहुत थे;
    मैं अपना दर्द बताता भी तो किसे बताता;
    मेरे दिल का हाल जानने वाले अनजान बहुत थे।
  • पढ़ तो लिए है मगर अब कैसे फेंक दूँ;<br />
खुशबू तुम्हारे हाथों की इन कागज़ों में जो है।
    पढ़ तो लिए है मगर अब कैसे फेंक दूँ;
    खुशबू तुम्हारे हाथों की इन कागज़ों में जो है।
  • हम तुझ से किस हवस की फ़लक जुस्तुजू करें;
    दिल ही नहीं रहा है कि कुछ आरज़ू करें।
    ~ Khwaja Mir Dard
  • आवारगी छोड़ दी हमने तो लोग भूलने लगे हैं;<br />
वरना शोहरत कदम चूमती थी जब हम बदनाम हुआ करते थे।
    आवारगी छोड़ दी हमने तो लोग भूलने लगे हैं;
    वरना शोहरत कदम चूमती थी जब हम बदनाम हुआ करते थे।
  • वक़्त बदला और बदली कहानी है;
    संग मेरे हसीन पलों की यादें पुरानी हैं;
    ना लगाओ मरहम मेरे ज़ख्मों पर;
    मेरे पास उनकी बस यही एक बाकी निशानी है।
  • लोग बेवजह ढूँढते हैँ खुदखुशी के तरीके हजार;
    इश्क करके क्यों नहीँ देख लेते वो एक बार।