• आलम से बे-ख़बर भी हूँ आलम में भी हूँ मैं;</br>
साक़ी ने इस मक़ाम को आसाँ बना दिया!</br></br>
*आलम : दुनिया
    आलम से बे-ख़बर भी हूँ आलम में भी हूँ मैं;
    साक़ी ने इस मक़ाम को आसाँ बना दिया!

    *आलम : दुनिया
    ~ Asghar Gondvi
  • पीता हूँ जितनी उतनी ही बढ़ती है तिश्नगी;</br>
साक़ी ने जैसे प्यास मिला दी शराब में!</br></br>
*तिश्नगी: प्यास
    पीता हूँ जितनी उतनी ही बढ़ती है तिश्नगी;
    साक़ी ने जैसे प्यास मिला दी शराब में!

    *तिश्नगी: प्यास
    ~ Author Unknown
  • नशा था ज़िंदगी का शराबों से तेज़-तर;</br>
हम गिर पड़े तो मौत उठा ले गई हमें!
    नशा था ज़िंदगी का शराबों से तेज़-तर;
    हम गिर पड़े तो मौत उठा ले गई हमें!
    ~ Irfan Ahmad
  • साक़ी मुझे शराब की तोहमत नहीं पसंद;</br>
मुझ को तेरी निग़ाह का इल्ज़ाम चाहिए!
    साक़ी मुझे शराब की तोहमत नहीं पसंद;
    मुझ को तेरी निग़ाह का इल्ज़ाम चाहिए!
    ~ Abdul Hameed Adam
  • लोग कहते हैं रात बीत चुकी;</br>
मुझ को समझाओ, मैं शराबी हूँ!
    लोग कहते हैं रात बीत चुकी;
    मुझ को समझाओ, मैं शराबी हूँ!
    ~ Saghar Siddiqui
  • हम इंतज़ार करें हम को इतनी ताब नहीं;</br>
पिला दो तुम हमें पानी अगर शराब नहीं!
    हम इंतज़ार करें हम को इतनी ताब नहीं;
    पिला दो तुम हमें पानी अगर शराब नहीं!
    ~ Nooh Narvi
  • ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो;</br>
नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें!
    ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो;
    नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें!
    ~ Ahmad Faraz
  • न तुम होश में हो न हम होश में हैं;</br>
चलो मय-कदे में वहीं बात होगी!
    न तुम होश में हो न हम होश में हैं;
    चलो मय-कदे में वहीं बात होगी!
    ~ Bashir Badr
  • अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में;</br>
जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में!</br></br>

* मयस्सर:  Available
    अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में;
    जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में!

    * मयस्सर: Available
    ~ Divakar Rahi
  • कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं;</br>
जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला!
    कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं;
    जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला!
    ~ Abdul Hamid Adam