• ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो;</br>
नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें!
    ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो;
    नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें!
    ~ Ahmad Faraz
  • न तुम होश में हो न हम होश में हैं;</br>
चलो मय-कदे में वहीं बात होगी!
    न तुम होश में हो न हम होश में हैं;
    चलो मय-कदे में वहीं बात होगी!
    ~ Bashir Badr
  • अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में;</br>
जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में!</br></br>

* मयस्सर:  Available
    अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में;
    जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में!

    * मयस्सर: Available
    ~ Divakar Rahi
  • कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं;</br>
जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला!
    कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं;
    जा मय-कदे से मेरी जवानी उठा के ला!
    ~ Abdul Hamid Adam
  • आए कुछ अब्र कुछ शराब आए;<br/>
इस के बा'द आए जो अज़ाब आए!<br/><br/>
*अब्र- मेघ, बादल
    आए कुछ अब्र कुछ शराब आए;
    इस के बा'द आए जो अज़ाब आए!

    *अब्र- मेघ, बादल
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • तेरी बेवफ़ाई को मैंने जाम कर दिया;<br/>
इसे लबों से लगाया और सरेआम कर दिया!
    तेरी बेवफ़ाई को मैंने जाम कर दिया;
    इसे लबों से लगाया और सरेआम कर दिया!
  • चलने दे जाम-ओ-इश्क़ के दौर साकी;<br/>
होश-ओ-हवास में ख़ुद का ख़्याल नहीं रहता!
    चलने दे जाम-ओ-इश्क़ के दौर साकी;
    होश-ओ-हवास में ख़ुद का ख़्याल नहीं रहता!
  • शराब क्या चीज़ है मैं ज़हर भी पी जाऊँ;<br/>
शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको!
    शराब क्या चीज़ है मैं ज़हर भी पी जाऊँ;
    शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको!
  • बहुत अमीर होती हैं ये बोतलें शराब की;<br/>
पैसा चाहे जो भी लग जाए सारे ग़म ख़रीद लेती हैं!
    बहुत अमीर होती हैं ये बोतलें शराब की;
    पैसा चाहे जो भी लग जाए सारे ग़म ख़रीद लेती हैं!
  • छलक जाने दो पैमाने, मैखाने भी क्या याद रखेंगे;<br/>
आया था कोई दिवाना, अपनी मोहब्बत को भुलाने!
    छलक जाने दो पैमाने, मैखाने भी क्या याद रखेंगे;
    आया था कोई दिवाना, अपनी मोहब्बत को भुलाने!