• हकीकत समझो या फसाना;<br />
अपना समझो या बेगाना;<br />
हमारा आपका है रिश्ता पुराना;<br />
इसलिये फर्ज था आपको बताना;<br />
ठंड शुरू हो गयी है;<br />
कृपया रोज मत नहाना!
    हकीकत समझो या फसाना;
    अपना समझो या बेगाना;
    हमारा आपका है रिश्ता पुराना;
    इसलिये फर्ज था आपको बताना;
    ठंड शुरू हो गयी है;
    कृपया रोज मत नहाना!
  • ना इश्क कर मेरे यार, यह लड़कियां बहुत सताती हैं;<br />
न करना इन पर एतबार, यह खर्चा बहुत करवाती हैं;<br />
रिचार्ज तुम करवा के देतो हो;<br />
और नंबर मेरा लगाती हैं!
    ना इश्क कर मेरे यार, यह लड़कियां बहुत सताती हैं;
    न करना इन पर एतबार, यह खर्चा बहुत करवाती हैं;
    रिचार्ज तुम करवा के देतो हो;
    और नंबर मेरा लगाती हैं!
  • बर्बाद करने के और भी तरीके थे, फराज;
    जाने "मार्क जुकरब (Mark Zuckerberg) को फेसबुक (Facebook) का ख्याल क्यों आ़या!
  • कमाल तेरे नखरे, कमाल का तेरा स्टाइल है;
    बात करने की तमीज नहीं, और हाथ में मोबाइल है!
  • डाली ने डाली पर नज़र डाली;
    किसी ने इस पर डाली;
    किसी ने उस पर डाली;
    हमने जिसपर नज़र डाली;
    उसके बाप ने उसकी शादी कहीं और कर डाली!
  • तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को;
    ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है!
  • हर गम को पाला नही जाता;<br />
काँच की चीज़ों को उछाला नही जाता;<br />
कुछ करना है तो मेहनत करो;<br />
हर बात को 'आल इज वेल' कहकर टाला नही जाता!
    हर गम को पाला नही जाता;
    काँच की चीज़ों को उछाला नही जाता;
    कुछ करना है तो मेहनत करो;
    हर बात को 'आल इज वेल' कहकर टाला नही जाता!
  • बेवफा तुम हो तो वफ़ादार हम भी नही;<br />
बेशरम तुम हो तो शरमदार हम भी नही;<bR>
प्यार के इस मोड़ पर आकर कहते हो शादीशुदा हो;<br />
तो कुंवारे हम भी नहीं!
    बेवफा तुम हो तो वफ़ादार हम भी नही;
    बेशरम तुम हो तो शरमदार हम भी नही;
    प्यार के इस मोड़ पर आकर कहते हो शादीशुदा हो;
    तो कुंवारे हम भी नहीं!
  • ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये, जनाब;
    खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में!
  • पंख लगाकर मेरे ख्वाबों को ले जाओ कहीं दूर;
    नालायक रात में आते हैं, और सोने भी नहीं देते!