• गणेश जी का रूप निराला;<br />चेहरा कितना भोला भाला;<br />जिसे भी आती है कोई मुसीबत;<br />उसे इन्ही ने ही संभाला!<br />गणेश चतुर्थी का हार्दिक अभ्निनंदन!
    गणेश जी का रूप निराला;
    चेहरा कितना भोला भाला;
    जिसे भी आती है कोई मुसीबत;
    उसे इन्ही ने ही संभाला!
    गणेश चतुर्थी का हार्दिक अभ्निनंदन!
  • दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा;<br />
ये गणेश जी का दरबार है!<br />
देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को;<br />
अपने हर भक्त से प्यार है!<br />
गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
    दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा;
    ये गणेश जी का दरबार है!
    देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को;
    अपने हर भक्त से प्यार है!
    गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
  • आते बड़े धूम से गणपति जी;<br />
जाते बड़े धूम से गणपति जी;<br />
आखिर सबसे पहले आकर;<br />
हमारे दिलों में बस जाते गणपति जी!<br />
शुभ गणेश चतुर्थी!
    आते बड़े धूम से गणपति जी;
    जाते बड़े धूम से गणपति जी;
    आखिर सबसे पहले आकर;
    हमारे दिलों में बस जाते गणपति जी!
    शुभ गणेश चतुर्थी!
  • एक दो तीन चार;
    गणपति जी की जय जय कार;
    पांच छ सात आठ;
    गणपति जी है सबके साथ!
    शुभ गणेश चतुर्थी!
  • एक दंत जय मोरया, गौरी सुता जय मोरया;
    जय लंबो दारा मोरया, आगरा देवा जय मोरया;
    गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया! गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
  • गणपति बप्पा आये हैं;
    साथ खुशहाली लाये हैं;
    गणेश जी के आशीर्वाद से ही;
    हमने सुख के गीत गाये हैं!
    गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
  • हर दिल में गणेश जी बसते हैं;
    हर इंसान में उनका वास है;
    तभी तो यह त्योहर सबके लिए ख़ास है!
    गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाएं!
  • पल पल से बनता है एहसास;<br />
एहसास से बनता है विश्वास;<br />
विश्वास से बनते हैं रिश्ते;<br />
और रिश्तों से बनता है कोई खास;<br />
मुबारक हो ये गणेश चतुर्थी झकास!
    पल पल से बनता है एहसास;
    एहसास से बनता है विश्वास;
    विश्वास से बनते हैं रिश्ते;
    और रिश्तों से बनता है कोई खास;
    मुबारक हो ये गणेश चतुर्थी झकास!
  • गणेश की ज्योति से नूर मिलता है;<br />
सबके दिलों को सुरूर मिलता है;<br />
जो भी जाता है 'गणेशा जी' के द्वार;<br />
कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है!<br />
जय श्री गणेश!
    गणेश की ज्योति से नूर मिलता है;
    सबके दिलों को सुरूर मिलता है;
    जो भी जाता है 'गणेशा जी' के द्वार;
    कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है!
    जय श्री गणेश!