• कुछ भी कहो राक्षस जाती हँसमुख बहुत थी!</br>
हर बात बोलने के बाद हँसते ज़रूर थे!</br>
ऐसे ही मेरे दोस्त करते हैं! राक्षस ही हैं वो भी!
    कुछ भी कहो राक्षस जाती हँसमुख बहुत थी!
    हर बात बोलने के बाद हँसते ज़रूर थे!
    ऐसे ही मेरे दोस्त करते हैं! राक्षस ही हैं वो भी!
  • जो पूरे बदन को महका दे उसे इत्र कहते हैं!</br>
और जो इज़्ज़त की धज्जियाँ उदा दे उसे मित्र कहते हैं!
    जो पूरे बदन को महका दे उसे इत्र कहते हैं!
    और जो इज़्ज़त की धज्जियाँ उदा दे उसे मित्र कहते हैं!
  • कमज़ोरियाँ मत खोज मुझ में ऐ दोस्त,</br>
मेरी कमज़ोरियों में एक तू भी शामिल है!
    कमज़ोरियाँ मत खोज मुझ में ऐ दोस्त,
    मेरी कमज़ोरियों में एक तू भी शामिल है!
  • महंगे जूते खरीदना बड़ी बात नहीं है,</br>
बड़ी बात तो दोस्तों को समझना है कि ये महंगे हैं!
    महंगे जूते खरीदना बड़ी बात नहीं है,
    बड़ी बात तो दोस्तों को समझना है कि ये महंगे हैं!
  • हमेशा अच्छे लेक्चर देने वाला दोस्त...</br>
ज़िन्दगी के सारे कांड कर चुका होता है!
    हमेशा अच्छे लेक्चर देने वाला दोस्त...
    ज़िन्दगी के सारे कांड कर चुका होता है!
  • हमेशा अपने दोस्तों की सुनो,</br>
क्योंकि उनके घर में उनकी कोई नहीं सुनता!
    हमेशा अपने दोस्तों की सुनो,
    क्योंकि उनके घर में उनकी कोई नहीं सुनता!
  • डरता हूँ कहीं दोस्ती पर टैक्स ना लगा दे सरकार;</br>
क्योंकि मेरी ये संपत्ति मेरी आय से अधिक है!
    डरता हूँ कहीं दोस्ती पर टैक्स ना लगा दे सरकार;
    क्योंकि मेरी ये संपत्ति मेरी आय से अधिक है!
  • दोस्ती ना कभी इम्तिहान लेती है,<br/>
दोस्ती ना कभी इम्तिहान देती है,<br/>
दोस्ती तो वो है... जो बारिश में भीगे हुए चेहरे पर भी आँसुओं को पहचान लेती है!
    दोस्ती ना कभी इम्तिहान लेती है,
    दोस्ती ना कभी इम्तिहान देती है,
    दोस्ती तो वो है... जो बारिश में भीगे हुए चेहरे पर भी आँसुओं को पहचान लेती है!
  • आपकी हँसी हमें बहुत प्यारी लगती है,<br/>
आपकी हर खुशी हमें हमारी लगती है,<br/>
कभी दूर ना करना खुद से हमें,<br/>
आपकी दोस्ती जान से प्यारी लगती है।
    आपकी हँसी हमें बहुत प्यारी लगती है,
    आपकी हर खुशी हमें हमारी लगती है,
    कभी दूर ना करना खुद से हमें,
    आपकी दोस्ती जान से प्यारी लगती है।
  • हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से;<br/>
कमबख्त दुःख की सारी लकीरें मिट गयी!
    हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से;
    कमबख्त दुःख की सारी लकीरें मिट गयी!