• नींद तो बचपन में आती थी!<br/>
अब तो बस पड़ोसन को भगाने के सपने आते हैं!
    नींद तो बचपन में आती थी!
    अब तो बस पड़ोसन को भगाने के सपने आते हैं!
  • सुबह बीवी से बीस मिनट खरी खोटी सुनने के बाद 10 मिनट कस्टमर केयर वाली से बात की तब जाकर फिर से सेल्फ रिस्पेक्ट महसूस हुई!
    सुबह बीवी से बीस मिनट खरी खोटी सुनने के बाद 10 मिनट कस्टमर केयर वाली से बात की तब जाकर फिर से सेल्फ रिस्पेक्ट महसूस हुई!
  • हसरत थी कि तुम्हें दिल में रखूँ मगर;<br/>
तुम्हारी हरकतें ऐसी हैं कि तुम भाड़ में ही रहो!
    हसरत थी कि तुम्हें दिल में रखूँ मगर;
    तुम्हारी हरकतें ऐसी हैं कि तुम भाड़ में ही रहो!
  • एक दुकान पर लिखा था:<br/>
यहाँ शादी का सारा समान मिलता है!<br/>
मैं दुकान पर गया और बोला, `लड़की दिखाओ!`<br/>
भगा दिया ससुरे ने! बताओ क्या गलत किया मैंने!
    एक दुकान पर लिखा था:
    यहाँ शादी का सारा समान मिलता है!
    मैं दुकान पर गया और बोला, "लड़की दिखाओ!"
    भगा दिया ससुरे ने! बताओ क्या गलत किया मैंने!
  • घर बैठे अनचाही गर्लफ्रेंड से छुटकारा पायें!<br/>
बस उसका नंबर मुझे दे दो!
    घर बैठे अनचाही गर्लफ्रेंड से छुटकारा पायें!
    बस उसका नंबर मुझे दे दो!
  • हाथी घोडा पालकी, जय कोरोना लाल की;<br/>
ऐसी-तैसी कर दी साले, तूने पूरे साल की!
    हाथी घोडा पालकी, जय कोरोना लाल की;
    ऐसी-तैसी कर दी साले, तूने पूरे साल की!
  • एक लड़की ने मुझसे कहा कि तुम पहले तो काले थे, अब गोरे कैसे हो गए!<br/>
अब उसे कैसे बताऊँ कि पहले मेरा कोयला का काम था अब आटे की चक्की पे काम करता हूँ!
    एक लड़की ने मुझसे कहा कि तुम पहले तो काले थे, अब गोरे कैसे हो गए!
    अब उसे कैसे बताऊँ कि पहले मेरा कोयला का काम था अब आटे की चक्की पे काम करता हूँ!
  • रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू: <br/>
तो फिर सोशल डिस्टेंसिंग किस से रखना है जनता से या बीवी से!
    रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू:
    तो फिर सोशल डिस्टेंसिंग किस से रखना है जनता से या बीवी से!
  • क़त्ल ही करना था तो खंजर मार देते...<br/>
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यूँ मूली खाकर फिज़ाओ में जहर घोलने की क्या जरूरत थी!
    क़त्ल ही करना था तो खंजर मार देते...
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    यूँ मूली खाकर फिज़ाओ में जहर घोलने की क्या जरूरत थी!
  • कितनी भी अच्छी फिल्म देख लो लेकिन जो मज़ा मोहल्ले की लड़ाई देखने में आता है वो मज़ा कहीं नहीं मिलता!
    कितनी भी अच्छी फिल्म देख लो लेकिन जो मज़ा मोहल्ले की लड़ाई देखने में आता है वो मज़ा कहीं नहीं मिलता!