• नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो,<br/>
टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो,<br/>
हर जन का तुम्हीं तो आधार हो,<br/>
नफ़रत की दुनिया में मात्र तुम्हीं प्यार हो,<br/>
उठो अपने अस्तित्त्व को संभालो,<br/>
केवल एक दिन ही नहीं,<br/>
हर दिन महिला दिवस बना लो!<br/>
महिला दिवस की हार्दिक बधाई!
    नारी तुम प्रेम हो, आस्था हो, विश्वास हो,
    टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो,
    हर जन का तुम्हीं तो आधार हो,
    नफ़रत की दुनिया में मात्र तुम्हीं प्यार हो,
    उठो अपने अस्तित्त्व को संभालो,
    केवल एक दिन ही नहीं,
    हर दिन महिला दिवस बना लो!
    महिला दिवस की हार्दिक बधाई!
  • जिसने बस त्याग ही त्याग किए, जो बस दूसरों के लिए जिए;<br/>
फिर क्यों उसको धिक्कार दो, उसे जीने का अधिकार दो!<br/>
महिला दिवस की शुभकामनाएं।
    जिसने बस त्याग ही त्याग किए, जो बस दूसरों के लिए जिए;
    फिर क्यों उसको धिक्कार दो, उसे जीने का अधिकार दो!
    महिला दिवस की शुभकामनाएं।
  • नारी में शक्ति अपार हैं,<br/>
नारी इस सृष्टि का आधार हैं,<br/>
नारी का हमेशा सम्मान करो क्योंकि<br/>
नारी ही नर के जीवन का सार हैं!<br/>
महिला दिवस की शुभ कामनायें!
    नारी में शक्ति अपार हैं,
    नारी इस सृष्टि का आधार हैं,
    नारी का हमेशा सम्मान करो क्योंकि
    नारी ही नर के जीवन का सार हैं!
    महिला दिवस की शुभ कामनायें!
  • हज़ारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए,<br/>
हज़ारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए,<br/>
हज़ारों बून्द चाहिए समुद्र बनाने के लिए,<br/>
पर एक `स्त्री` अकेली ही काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए!<br/>
महिला दिवस की बधाई!
    हज़ारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए,
    हज़ारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए,
    हज़ारों बून्द चाहिए समुद्र बनाने के लिए,
    पर एक `स्त्री` अकेली ही काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए!
    महिला दिवस की बधाई!
  • स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है;<br/>
स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल;<br/>
ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने;<br/>
बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं;<br/>
तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां, क्योंकि सिर्फ आज नहीं हर रोज़ तेरा दिन है।<br/>
महिला दिवस की शुभ कामनायें!
    स्वयं को पहचान, तुझ में शक्ति अपार है;
    स्वयं को नमन कर और आगे बढ़ चल;
    ठोकर मार उसे जो तेरा सम्मान करना न जाने;
    बढ़ चल, बढ़ चल, नई राहें तेरा रस्ता तके हैं;
    तेरे आंचल में हैं अपार खुशियां, क्योंकि सिर्फ आज नहीं हर रोज़ तेरा दिन है।
    महिला दिवस की शुभ कामनायें!
  • मुस्कराकर, दर्द भुलाकर,<br/>
रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी,<br/>
हर पग को रोशन करने वाली,<br/>
वो शक्ति हैं एक नारी।<br/>
महिला दिवस की शुभ कामनायें!
    मुस्कराकर, दर्द भुलाकर,
    रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी,
    हर पग को रोशन करने वाली,
    वो शक्ति हैं एक नारी।
    महिला दिवस की शुभ कामनायें!
  • दुनिया की पहचान है औरत;<br/>
दुनिया पर एहसान है औरत;<br/>
हर घर की जान है औरत;<br/>
बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर,<br/>
घर-घर की शान है औरत;<br/>
ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी, ये है रिश्तों की डोर;<br/>
मर्यादा और सम्मान है औरत।<br/>
महिला दिवस की शुभ कामनायें!
    दुनिया की पहचान है औरत;
    दुनिया पर एहसान है औरत;
    हर घर की जान है औरत;
    बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर,
    घर-घर की शान है औरत;
    ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी, ये है रिश्तों की डोर;
    मर्यादा और सम्मान है औरत।
    महिला दिवस की शुभ कामनायें!
  • ऐ औरत तुझे क्या कहूँ तेरी हर बात निराली है;<br/>
तू एक ऐसा पौधा है जिस घर रहे, वहाँ हरियाली ही हरियाली है;<br/>
तेरी शान में सिर्फ इतना कह सकते हैं कि तेरी ऊंचाइयों के सामने आसमान भी नहीं रह सकता है;<br/>
मेरा सिर्फ इतना सा एक पैगाम है, ऐ औरत तुझे मेरा सिर झुका कर सलाम है।<br/>
सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभ कामनायें!
    ऐ औरत तुझे क्या कहूँ तेरी हर बात निराली है;
    तू एक ऐसा पौधा है जिस घर रहे, वहाँ हरियाली ही हरियाली है;
    तेरी शान में सिर्फ इतना कह सकते हैं कि तेरी ऊंचाइयों के सामने आसमान भी नहीं रह सकता है;
    मेरा सिर्फ इतना सा एक पैगाम है, ऐ औरत तुझे मेरा सिर झुका कर सलाम है।
    सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभ कामनायें!
  • हेलमेट और पत्नी दोनों का स्वभाव एक जैसा है... सिर पर बिठा कर रखो तो जान बची रहेगी।<br/>
पतियों को समर्पित<br/>
#महिला दिवस
    हेलमेट और पत्नी दोनों का स्वभाव एक जैसा है... सिर पर बिठा कर रखो तो जान बची रहेगी।
    पतियों को समर्पित
    #महिला दिवस
  • On a lighter side...<br/>
आज अंतर्राष्ट्रीय पुरुष मौन दिवस है।<br/>
चुप रहें... खुश रहें!
    On a lighter side...
    आज अंतर्राष्ट्रीय पुरुष मौन दिवस है।
    चुप रहें... खुश रहें!