• किसी के साथ रहो तो वफादार बन कर रहो, धोखा देना गिरे हुए लोगों की पहचान है!<br/>
सुप्रभात!
    किसी के साथ रहो तो वफादार बन कर रहो, धोखा देना गिरे हुए लोगों की पहचान है!
    सुप्रभात!
  • जीवन ना तो भविष्य में है, ना अतीत में है!<br/>
जीवन तो केवल वर्तमान में है!<br/>
सुप्रभात!
    जीवन ना तो भविष्य में है, ना अतीत में है!
    जीवन तो केवल वर्तमान में है!
    सुप्रभात!
  • ज़िन्दगी चाहे एक दिन की हो या चार दिन की उसे ऐसे जियो जैसे ज़िन्दगी तुम्हें नहीं ज़िन्दगी को तुम मिले हो!<br/>
सुप्रभात!
    ज़िन्दगी चाहे एक दिन की हो या चार दिन की उसे ऐसे जियो जैसे ज़िन्दगी तुम्हें नहीं ज़िन्दगी को तुम मिले हो!
    सुप्रभात!
  • परमात्मा सभी को एक ही मिट्टी से बनाता है!<br/>
बस फर्क इतना है कि कोई बाहर से खूबसूरत होता है तो कोई भीतर से!<br/>
सुप्रभात!
    परमात्मा सभी को एक ही मिट्टी से बनाता है!
    बस फर्क इतना है कि कोई बाहर से खूबसूरत होता है तो कोई भीतर से!
    सुप्रभात!
  • दिलों में वही बसते हैं जिनका दिल साफ़ हो, क्योंकि सुई में वही धागा प्रवेश कर सकता हैं, जिस धागे में कोई गाँठ ना हो!<br/>
सुप्रभात!
    दिलों में वही बसते हैं जिनका दिल साफ़ हो, क्योंकि सुई में वही धागा प्रवेश कर सकता हैं, जिस धागे में कोई गाँठ ना हो!
    सुप्रभात!
  • बेवजह दिल पे बोझ ना भारी रखिये;<br/>
ज़िन्दगी एक खूबसूरत जंग है जारी रखिये!<br/>
सुप्रभात!
    बेवजह दिल पे बोझ ना भारी रखिये;
    ज़िन्दगी एक खूबसूरत जंग है जारी रखिये!
    सुप्रभात!
  • पतझड़ हुए बिना पेड़ पर नए पत्ते नहीं आते, ठीक उसी तरह `परेशानी` और `कठिनाई` सहे बिना इंसान के अच्छे दिन नहीं आते।<br/>
सुप्रभात!
    पतझड़ हुए बिना पेड़ पर नए पत्ते नहीं आते, ठीक उसी तरह "परेशानी" और "कठिनाई" सहे बिना इंसान के अच्छे दिन नहीं आते।
    सुप्रभात!
  • आमदनी पर्याप्त ना हो तो खर्चों पर नियंत्रण रखें;<br/>
जानकारी पर्याप्त ना हो तो शब्दों पर नियंत्रण रखें!<br/>
सुप्रभात!
    आमदनी पर्याप्त ना हो तो खर्चों पर नियंत्रण रखें;
    जानकारी पर्याप्त ना हो तो शब्दों पर नियंत्रण रखें!
    सुप्रभात!
  • ज़िंदगी का सारा खेल तो `वक़्त` रचता है!<br/>
इंसान तो सिर्फ़ अपना `किरदार` निभाता है!<br/>
सुप्रभात!
    ज़िंदगी का सारा खेल तो "वक़्त" रचता है!
    इंसान तो सिर्फ़ अपना "किरदार" निभाता है!
    सुप्रभात!
  • साहसी लोग अपने फैंसले से दुनिया बदल देते हैं और कायर दुनिया के डर से अपने फैंसले!<br/>
सुप्रभात!
    साहसी लोग अपने फैंसले से दुनिया बदल देते हैं और कायर दुनिया के डर से अपने फैंसले!
    सुप्रभात!