• एक बिहारी औरत ने एक हरियाणवी औरत से पूछा, `आप अपने बच्चों की सलामती के लिए 'छठ' नहीं रखते क्या?<br/>
हरियाणवी: ना हम तो 'लट्ठ' रखते हैं!
    एक बिहारी औरत ने एक हरियाणवी औरत से पूछा, "आप अपने बच्चों की सलामती के लिए 'छठ' नहीं रखते क्या?
    हरियाणवी: ना हम तो 'लट्ठ' रखते हैं!
  • ताऊ को अस्पताल में भर्ती किया तो नर्स बोतल चढ़ाने के लिए आयी!<br/>
ताऊ: ये कौन सो बोतल है?<br/>
नर्स: इसके अंदर विटामिन होते हैं। इससे आपको भोजन जितनी शक्ति मिलेगी।<br/>
ताऊ: तो इसके बाद मुझे लस्सी की बोतल चढा देना, मुझे भोजन के बाद लस्सी पीने की आदत है!
    ताऊ को अस्पताल में भर्ती किया तो नर्स बोतल चढ़ाने के लिए आयी!
    ताऊ: ये कौन सो बोतल है?
    नर्स: इसके अंदर विटामिन होते हैं। इससे आपको भोजन जितनी शक्ति मिलेगी।
    ताऊ: तो इसके बाद मुझे लस्सी की बोतल चढा देना, मुझे भोजन के बाद लस्सी पीने की आदत है!
  • इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा: तुम्हारा नाम क्या है?<br/>
हरियाणवी: विजय दीनानाथ चौहान!<br/>
इंटरव्यू लेने वाला: लेकिन फॉर्म में तो तुमने अपना नाम रामफल लिखा है?<br/>
हरियाणवी: फेर क्यों सुआद ले है?
    इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा: तुम्हारा नाम क्या है?
    हरियाणवी: विजय दीनानाथ चौहान!
    इंटरव्यू लेने वाला: लेकिन फॉर्म में तो तुमने अपना नाम रामफल लिखा है?
    हरियाणवी: फेर क्यों सुआद ले है?
  • एक लड़की नये टाइट जूते पहन कर मुश्किल से चल पा रही थी।<br/>
एक बुढ़िया ने उसे देख कर पूछा, `छोरी नये जूते खरीद के लाई के?`<br/>
लड़की हरियाणे की थी। वो हरियाणवी ही क्या जो सीधा जवाब दे। लड़की बोली, `ना ताई पेड़ से तोड़े हैं।`<br/>
ताई भी हरियाणवी थी। जवाब दिया, `छोरी, जल्दी कर दी। पकने देती तो तेरे नाप के हो जाते।`
    एक लड़की नये टाइट जूते पहन कर मुश्किल से चल पा रही थी।
    एक बुढ़िया ने उसे देख कर पूछा, "छोरी नये जूते खरीद के लाई के?"
    लड़की हरियाणे की थी। वो हरियाणवी ही क्या जो सीधा जवाब दे। लड़की बोली, "ना ताई पेड़ से तोड़े हैं।"
    ताई भी हरियाणवी थी। जवाब दिया, "छोरी, जल्दी कर दी। पकने देती तो तेरे नाप के हो जाते।"
  • हरियाणवी ते मेज़बान ने पूछा, `चौधरी साहब क्या लेंगे आप? हलवा लाऊं या खीर?`<br/>
चौधरी: घर में कटोरी एक ही है के?
    हरियाणवी ते मेज़बान ने पूछा, "चौधरी साहब क्या लेंगे आप? हलवा लाऊं या खीर?"
    चौधरी: घर में कटोरी एक ही है के?
  • सड़क पर एक लडकी गर्मी से चक्कर खाकर गिर पड़ी! आसपास के लोग इकठ्ठा हो गये।<br/>
एक ताऊ भी रुक कर देखने लगा और बोला, `अरे नींबू-सोढा ल्याओ रे, कोई निम्बू-सोढा ल्याओ!`<br/>
एक लडका भाग के बीस रूपये का ठंडा निम्बू-सोढा ले आया! ताऊ उससे निम्बू-सोढा लेकर खुद ही पी गया और फिर गहरी सांस भर कर बोला, `मेरे से नहीं देखे जाते ऐसे हादसे!`
    सड़क पर एक लडकी गर्मी से चक्कर खाकर गिर पड़ी! आसपास के लोग इकठ्ठा हो गये।
    एक ताऊ भी रुक कर देखने लगा और बोला, "अरे नींबू-सोढा ल्याओ रे, कोई निम्बू-सोढा ल्याओ!"
    एक लडका भाग के बीस रूपये का ठंडा निम्बू-सोढा ले आया! ताऊ उससे निम्बू-सोढा लेकर खुद ही पी गया और फिर गहरी सांस भर कर बोला, "मेरे से नहीं देखे जाते ऐसे हादसे!"
  • एक बै सुंडू नै गाम में चोरी कर ली।<br/>
पंचायत उसका मुँह काला कर कै गधे पै बिठा कै गाम में घुमावण लाग-गी।  राह मैं उसका घर आया।<br/>
उसकी घरआली छात के ऊपर चढ़ कै उसने देखण लाग रही थी!<br/>
सुंडू बोल्या: न्यूं के देखै सै? जाकै चाय चढ़ा ले चूल्हे पै, दो-तीन गली रह रही सैं, चक्कर मार-कै  मैं ईब आया!
    एक बै सुंडू नै गाम में चोरी कर ली।
    पंचायत उसका मुँह काला कर कै गधे पै बिठा कै गाम में घुमावण लाग-गी। राह मैं उसका घर आया।
    उसकी घरआली छात के ऊपर चढ़ कै उसने देखण लाग रही थी!
    सुंडू बोल्या: न्यूं के देखै सै? जाकै चाय चढ़ा ले चूल्हे पै, दो-तीन गली रह रही सैं, चक्कर मार-कै मैं ईब आया!
  • एक बै एक गाभरू मंदिर मै 1 रपईया चढ़ा कै बोल्या, `हे भोले, मन्नै 1 ट्रेक्टर दुवा दे।`<br/>
पुजारी कै छो उठ गया, बोल्या, `भाई 1 रपईया और चढ़ा दे, ना तो ट्राली ख़ातर फेर आवैगा।`
    एक बै एक गाभरू मंदिर मै 1 रपईया चढ़ा कै बोल्या, "हे भोले, मन्नै 1 ट्रेक्टर दुवा दे।"
    पुजारी कै छो उठ गया, बोल्या, "भाई 1 रपईया और चढ़ा दे, ना तो ट्राली ख़ातर फेर आवैगा।"
  • सिक्योरिटी गार्ड के लिए इंटरव्यू में एक हरियाणवी से पूछा गया, `अंग्रेजी आती है क्या?`<br/>
हरियाणवी: चोर इंग्लैंड तै आवेंगे के?
    सिक्योरिटी गार्ड के लिए इंटरव्यू में एक हरियाणवी से पूछा गया, "अंग्रेजी आती है क्या?"
    हरियाणवी: चोर इंग्लैंड तै आवेंगे के?
  • एक बार एक हरियाणा के सरकारी स्कूल का `गुरुजी` अपनी गाड़ी में कहीं जा रहा था और सामने से एक झोटा-बुग्गी वाला आ रहा था। मास्टर जी उसको पहचान गए क्योंकि वो मास्टर जी का स्टूडेंट रह चुका था।<br/>

मास्टर जी ने अपनी गाड़ी उसकी झोटा बुग्गी के पास रोकी और उसकी तरफ बुरा सा मुँह बना कर टोंट कसा, `अरै झोटा बुग्गी चलावै स?`<br/>
वो छोरा भी अपने गुरुजी का ही सच्चा चेला था, बोला, `ओर तेरे पढ़ाये ओड़ जहाज चलावेंगे?`
    एक बार एक हरियाणा के सरकारी स्कूल का "गुरुजी" अपनी गाड़ी में कहीं जा रहा था और सामने से एक झोटा-बुग्गी वाला आ रहा था। मास्टर जी उसको पहचान गए क्योंकि वो मास्टर जी का स्टूडेंट रह चुका था।
    मास्टर जी ने अपनी गाड़ी उसकी झोटा बुग्गी के पास रोकी और उसकी तरफ बुरा सा मुँह बना कर टोंट कसा, "अरै झोटा बुग्गी चलावै स?"
    वो छोरा भी अपने गुरुजी का ही सच्चा चेला था, बोला, "ओर तेरे पढ़ाये ओड़ जहाज चलावेंगे?"