• अब मैं क्या करूँ?<br/>
बारिश की वजह से मैं घर के अंदर ही कपड़े सुखाने की व्यवस्था करने की फिराक में था! बालकनी में से मेरे हाथ में रस्सी देख पड़ोसन चिल्लाकर बोली...<br/>
`कोई गलत कदम मत उठाना, मैं जल्दी जवाब दूँगी!`
    अब मैं क्या करूँ?
    बारिश की वजह से मैं घर के अंदर ही कपड़े सुखाने की व्यवस्था करने की फिराक में था! बालकनी में से मेरे हाथ में रस्सी देख पड़ोसन चिल्लाकर बोली...
    "कोई गलत कदम मत उठाना, मैं जल्दी जवाब दूँगी!"
  • किसी ने कहा, गर्म पानी पियो, किसी ने कहा, अदरक डालो, किसी ने कहा, इलायची, तुलसी डालो!<br/>
मैंने सब की बात मान ली और सबको इकठ्ठा कर के चाय बनाकर पी ली!
    किसी ने कहा, गर्म पानी पियो, किसी ने कहा, अदरक डालो, किसी ने कहा, इलायची, तुलसी डालो!
    मैंने सब की बात मान ली और सबको इकठ्ठा कर के चाय बनाकर पी ली!
  • आजकल थोड़ी सी भी खाँसी होने पर, इंसान तुरंत सफाई देने लगता है...<br/>
वो क्या है न कि कल `निम्बू` खा लिया था, इसलिए आने लगी!
    आजकल थोड़ी सी भी खाँसी होने पर, इंसान तुरंत सफाई देने लगता है...
    वो क्या है न कि कल "निम्बू" खा लिया था, इसलिए आने लगी!
  • माना कि मोहब्बत बुरी नहीं<br/>
पर रोज उसकी गली में कूटे जाओ इतनी जरूरी भी नहीं!
    माना कि मोहब्बत बुरी नहीं
    पर रोज उसकी गली में कूटे जाओ इतनी जरूरी भी नहीं!
  • जीवन 2 बूंद जिंदगी की से शुरू किया था - पोलियो ड्राप<br/>
आज भी 2 बूंद पर अटके हुए हैं - सैनिटाइज़र!
    जीवन 2 बूंद जिंदगी की से शुरू किया था - पोलियो ड्राप
    आज भी 2 बूंद पर अटके हुए हैं - सैनिटाइज़र!
  • खुद को हमेशा स्पेशल समझो;<br/>
चाहे आप फालतू हो फिर भी स्पेशल समझो!
    खुद को हमेशा स्पेशल समझो;
    चाहे आप फालतू हो फिर भी स्पेशल समझो!
  • जब क़िस्मत बदलती है तो ग़ैरों से ज़्यादा अपने जलते हैं!
    जब क़िस्मत बदलती है तो ग़ैरों से ज़्यादा अपने जलते हैं!
  • आज का ज्ञान:<br/>
जब किस्मत में अंधेरा ही लिखा हो तो, रौशनी नाम की लड़की भी धोखा दे जाती है!
    आज का ज्ञान:
    जब किस्मत में अंधेरा ही लिखा हो तो, रौशनी नाम की लड़की भी धोखा दे जाती है!
  • एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की लगभग 25% जनसंख्या, कोरोना संक्रमित होने के बाद बिना किसी दवा के ठीक भी हो गयी है। कारण ये है कि इनका इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है।<br/>
मतलब कि जो लोग दिल्ली का जानलेवा प्रदूषण को झेल गए, कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
    एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की लगभग 25% जनसंख्या, कोरोना संक्रमित होने के बाद बिना किसी दवा के ठीक भी हो गयी है। कारण ये है कि इनका इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है।
    मतलब कि जो लोग दिल्ली का जानलेवा प्रदूषण को झेल गए, कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
  • अगर आपका पेट बाहर आ चुका है तो शरमायें नहीं,<br/>
क्योंकि Airbag अक्सर महंगी गाड़ियों में होते हैं, सस्ती गाड़ियों में नहीं!
    अगर आपका पेट बाहर आ चुका है तो शरमायें नहीं,
    क्योंकि Airbag अक्सर महंगी गाड़ियों में होते हैं, सस्ती गाड़ियों में नहीं!