• सेलिब्रिटीज ट्रेन!

    सुरेश प्रभु की ब्रांड्स के नाम पर ट्रेन दौड़ाने की घोषणा के साथ सेलिब्रिटीज के नाम ट्रेनों का सोशल मीडिया पर ट्रेंड चल गया।

    मोदी एक्सप्रेस : सुरेश प्रभु ने रेल बजट में एक मोदी एक्सप्रेस नाम की ट्रेन चलाने की घोषणा की है। ट्रेन चलेगी नहीं, सिर्फ तेज हॉर्न बजाएगी।

    बप्पी लाहिरी एक्सप्रेस : आपने चेन खींची तो आपको इसके पीछे एक और चेन नजर आएगी।

    एकता कपूर एक्सप्रेस : एक प्लेटफार्म पर तीन बार आएगी।

    आमिर खान एक्सप्रेस : साल में एक बार दौड़ेगी और यात्रियों का चुनाव भी खुद ही करेगी।

    सलमान खान एक्सप्रेस : फुटपाथ पर भी चल सकती है।

    मनमोहन ट्रेन : एकमात्र साइलेंट ट्रेन।

    रजनीकांत एक्सप्रेस : ट्रेन खड़ी रहेगी, स्टेशन आते-जाते रहेंगे।

    धोनी एक्सप्रेस : 95 प्रतिशत सफर में 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, शेष 5 फीसद सफर में 400 किमी प्रतिघंटा की गति।

    राहुल गांधी एक्सप्रेस : बार-बार पटरी से उतरेगी।

    कांग्रेस एक्सप्रेस : हर बोगी में एक अनुभवी ड्राइवर है, लेकिन इंजन का ड्राइवर छुट्टी पर है।

    केजरीवाल एक्सप्रेस : आपको चादर के बदले मफलर मिलेंगे।

    अमित शाह ट्रेन : दिल्ली को छोड़कर पूरे देश को कवर करेगी।

    अन्ना हजारे ट्रेन : पैंट्री कार नहीं रहेगी।
  • बारिश से निवेदन!

    प्रिय बारिश,

    ज्यादा रोमांटिक होने की जरूरत नहीं है।

    हमारे पास ऐसी गर्लफ्रेंड नहीं है जो शिफॉन की साड़ी पहनकर बारिश में डांस करती हो।

    हमारे पास तो बीवियाँ हैं, जो बारिश होने पर जब हम ऐसी ठंड़ मे भीगे हुए घर आते हैं तो वो बेचारी दौड़कर हमारे पास आती हैं और बोलती हैं
    "गेट पर ही रुक जाओ। अंदर मत आना सारा घर गन्दा हो जयेगा।"
  • पत्नी और घड़ी के बीच का संबंध!

    समानताएं:
    1. घड़ी चौबीस घंटे टिक-टिक करती रहती है, और पत्नी चौबीस घंटे किट-किट करती रहती है।

    2. घड़ी की सूइयाँ घूम-फिर कर वहीं आ जाती हैं। उसी प्रकार पत्नी को आप कितना भी समझा लो, वो घूम- फिर कर वहीं आ जायेगी और अपनी ही बात मनवायेगी।

    3. घड़ी बिगड़ जाये तो मैकेनिक के यहाँ जाती है। पत्नी बिगड़ जाये तो मायके जाती है।

    4. घड़ी को चार्ज करने के लिये सेल (बैटरी) का प्रयोग होता है, और पत्नी को चार्ज करने के लिये सैलेरी का प्रयोग होता है।

    विषमतायें:
    1. घड़ी में जब 12 बजते हैं तो तीनों सूइयाँ एक दिखाई देती हैं, लेकिन पत्नी के जब 12 बजते हैं तो एक पत्नी भी 3-3 दिखाई देती है।

    2. घड़ी के अलार्म बजने का फिक्स टाइम है, लेकिन पत्नी के अलार्म बजने का कोई फिक्स टाइम नहीं है।

    3.घड़ी बिगड़ जाये तो रूक जाती है, लेकिन जब पत्नी बिगड़ जाये तो शुरू हो जाती है।

    4. सबसे बड़ा अंतर ये कि घड़ी को जब आपका दिल चाहे बदल सकते हैं, मगर पत्नी को चाह कर भी बदल नहीं सकते, उल्टा पत्नी के हिसाब से आपको खुद को बदलना पड़ता है।
  • पत्नी की मासूमियत!

    एक दंपत्ति की शादी को साठ वर्ष हो चुके थे। उनकी आपसी समझ इतनी अच्छी थी कि इन साठ वर्षों में उनमें कभी झगड़ा तक नहीं हुआ। वे एक दूजे से कभी कुछ भी नहीं छिपाते थे। हां, पत्नी के पास उसके मायके से लाया हुआ एक डिब्बा था जो उसने अपने पति के सामने कभी नहीं खोला था। उस डिब्बे में क्या है वह नहीं जानता था। कभी उसने जानने की कोशिश भी की तो पत्नी ने यह कह कर टाल दिया कि सही समय आने पर बता दूंगी।

    आखिर एक दिन बुढि़या बहुत बीमार हो गई और उसके बचने की आशा न रही। उसके पति को तभी ख्याल आया कि उस डिब्बे का रहस्य जाना जाये। बुढि़या बताने को राजी हो गई। पति ने जब उस डिब्बे को खोला तो उसमें हाथ से बुने हुये दो रूमाल और 50,000 रूपये निकले। उसने पत्‍‌नी से पूछा, "यह सब क्या है?"

    पत्नी ने बताया, "जब उसकी शादी हुई थी तो उसकी दादी ने उससे कहा था कि ससुराल में कभी किसी से झगड़ना नहीं। यदि कभी किसी पर क्रोध आये तो अपने हाथ से एक रूमाल बुनना और इस डिब्बे में रखना।"

    बूढ़े की आंखों में यह सोचकर खुशी के मारे आंसू आ गये कि उसकी पत्नी को साठ वर्षों के लम्बे वैवाहिक जीवन के दौरान सिर्फ दो बार ही क्रोध आया था। उसे अपनी पत्‍‌नी पर सचमुच गर्व हुआ। खुद को संभाल कर उसने रूपयों के बारे में पूछा, "इतनी बड़ी रकम तो मैंने तुम्हे कभी दी ही नहीं थी, फिर ये कहां से आये?"

    "रूपये! वे तो मैंने रूमाल बेच बेच कर इकठ्ठे किये हैं।" पत्नी ने मासूमियत से जवाब दिया।