• अनोखा दहेज़!

    एक बार एक अमीर आदमी एक लड़की के प्यार में पड़ गया और हर हालत में उससे शादी करना चाहता था।

    एक दिन उसने लड़की के पिता के आगे शादी का प्रस्ताव रख दिया कि अगर आप अपनी बेटी की शादी मेरे साथ करवा दें तो मैं उसके वजन के बराबर आपको सोना दूंगा।

    यह सुनकर लड़की के पिता कुछ सोच में पड़ गए और सोचने के बाद बोले कि आप मुझे कुछ समय दीजिये।

    आदमी: कुछ दिन और, क्या आप कुछ और सोचना चाहते हैं?

    पिता: नहीं, सोचना तो कुछ नहीं बस मेरी बेटी का वजन थोडा बढ़ जाये!
  • सच्चाई!

    सगाई से पहले

    लड़का: शुक्र है भगवान् का इस दिन का तो मैं कब से इंतज़ार कर रहा था।

    लड़की: तो मैं जाऊं?

    लड़का: नहीं बिल्कुल नहीं।

    लड़की: क्या तुम मुझ से प्यार करते हो?

    लड़का: हाँ करता था, करता हूँ और करता रहूँगा।

    लड़की: कभी मेरे साथ धोखा करोगे?

    लड़का: नहीं इस से अच्छा तो मैं मर जाऊं।

    लड़की: क्या मुझे प्यार करोगे।

    लड़का: हाँ-हाँ क्यों नहीं।

    लड़की: तुम मुझे मरोगे?

    लड़का: नहीं मैं ऐसा आदमी नहीं।

    लड़की: क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ?

    लड़का: हां।

    लड़की: ओह प्रिये।

    और शादी के बाद की कहानी जान ने के लिए इसे नीचे से ऊपर पढो।
  • पांचवी मंजिल!

    कॉलेज की छात्राओं का एक दल छुट्टियां मनाने समंदर किनारे एक छोटे से शहर में गया, एक पांच मंजिला होटल पर एक बोर्ड लगा था, केवल महिलाओं के लिये उत्सुकतावश समूचे दल ने उसी होटल में ठहरने का निश्चय कर लिया, होटल के मैनेजर ने उनका स्वागत करते हुये बताया हमारे होटल में पांच मंजिलें हैं हरेक मंजिल की विशेषता वहां लिखी हुई है, आप घूमकर देख लीजिये और जहां भी मर्जी आये ठहरिये!

    पहली मंजिल पर लिखा हुआ था इस मंजिल पर रहने वाले पुरुष नाटे कद के हैं!

    लड़कियां हंसकर अगली मंजिल पर बढ़ गईं, वहां लिखा हुआ था इस मंजिल पर रहने वाले पुरुष नाटे पर खूबसूरत हैं!

    यह मंजिल भी किसी को नहीं जमी, वे तीसरी मंजिल की तरफ बढ़ गई!

    वहां दीवार पर कुछ इस तरह की विशेषता लिखी थी इस मंजिल पर रहने वाले पुरुष लंबे हैं!

    लड़कियां इससे भी कुछ बेहतर चाहती थीं, इसलिये चौथी मंजिल की तरफ बढ़ गईं!

    चौथी मंजिल पर लिखा हुआ था इस मंजिल पर रहने वाले पुरुष लंबे और खूबसूरत हैं!

    यह मंजिल ठहरने की दृष्टि से पूरे दल को उपयुक्त लगी, परन्तु पांचवीं मंजिल पर क्या है, यह जानने के लिये वे आगे बढ़ गईं!

    वहां भी एक इबारत लिखी हुई थी जो इस तरह थी इस मंजिल पर कोई नहीं रहता है यह मंजिल केवल यह सिध्द करने के लिये बनाई गई है कि महिला को किसी भी प्रकार से सन्तुष्ट नहीं किया जा सकता!
  • दिलदार सुनील!

    सुनील शाम को घर पंहुचा । गर्मी बहुत थी, उसने सोचा बियर पी जाए। देखा घर में बियर नही थी। उसने सोचा चलो, बाजार से खरीद कर लाता हूँ। तभी उसके दिमाग में आज की कमाई घूम गई! उसने बाजार से बियर खरीदने का विचार त्याग दिया। उसने ऑटो किया और सीधा पब पहुँच गया।

    उसने एक बियर और एक प्लेट पनीर पकौड़ा का आर्डर किया। उसने खूब मजे से  बियर पी और पकौड़े खाए। बिल बैठा 363 रूपये का। उसने दो हजार का नोट रखा, और वेटर ने उसे 1637 रूपये पकड़ा दिए। सुनील ने उसमे हजार रूपये उठाये और वेटर को बोला "कीप द चेंज!"

    बियर पीने के बाद सुनील को नशा हो गया! उसने फट से ऑटो किया और अपने घर के लिए रवाना हो गया।

    एक सिग्नल पर ऑटो रुका, सुनील की नजर  कुछ बच्चों पर पड़ी जो भीख मांग रहे थे। सुनील ने सबको सौ सौ रूपये दिए और बोला, "आज रात का खाना मेरी तरफ से अच्छी जगह खा लेना।" 

    तभी उसकी नजर एक छोटी सी बच्ची पर पड़ी, जो गुलाब के फूल का गुलदस्ता बेच रही थी। सुनील  ने पूछा, "ये गुलदस्ता कितने का?" 

    "तीस रूपये का साहब!" 

    सुनील ने उसे सौ का नोट दिया और उससे बाकी पैसे भी नहीं लिए।

    सुनील घर पंहुचा, उसने ऑटो वाले को भी सतर रूपये की जगह सौ रूपये दिए।

      घर पहुँचते ही उसने बीवी को गुलाब का गुलदस्ता दिया। बीवी खुश हो गई। सुनील के दो  बच्चे थे। उसने दोनों को बुलाया और दोनों को सौ रूपये देकर बोला, "ये लो बच्चों, गर्मी बहुत हो रखी है, बाहर जा कर आइसक्रीम खा आओ।" बच्चे भी खुश हो गए!

    अब यह नही पूछोगे, आखिर यह सुनील हैं कौन जो मंदी के ज़माने में इतना दिलदार है?

    ट्रैफिक पुलिस का हवलदार है भाई और कौन हो सकता है?