• बॉस कौन है!

    एक बार कुछ लड़कियां शहर से गाँव घूमने आई थी। जब वो वापस लौट रही थी तो रास्ते में जिस बस में वे सफर कर रहीं थी, कुछ डाकुओं ने उस बस को घेर लिया। बस लूटने वाले दो डाकुओं ने पिस्तौल दिखाकर बस जंगल में रुकवा ली, तो सभी मुसाफिरों में सन्नाटा छा गया।

    एक डाकू ने अपने साथी से कहा, "हम पुरुषों को लूटेंगे और सभी औरतों को अपने साथ ले जाएँगे।"

    दूसरा डाकू जो पहले वाले से कमजोर था बोला, "नहीं, हम सारा सामान लूटेंगे, औरतों को कुछ नहीं कहेंगे।"

    यह सुन पीछे की सीट पर बैठी लड़कियों ने आपस में खुसुर - फुसुर की और फिर उनमे से एक दूसरे डाकू से बोली, "ऐ, तुम अपने बॉस का आदेश मानो। जैसा वो कह रहा है वैसा करो।"
  • सब फ़िल्मी है!

    एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

    Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

    ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

    Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

    ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

    Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

    ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

    Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

    ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

    Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

    ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

    Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

    ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

    Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

    ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे
  • राजनैतिक ज्ञान!

    नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

    नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।

    "चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।

    नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

    बेटा" पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

    नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

    लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

    बेटा धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

    नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"
  • प्रेम पत्र!

    एक सुन्दर युवती दवाईयों की एक दुकान के सामने काफी देर तक खडी थी। भीड़ छटने का इंतज़ार कर रही थी। दुकान का मालिक उसे शक की नजर से घूर रहा था।

    बहुत देर बाद जब दुकान मे कोई ग्राहक नही बचा, तो वह लड़की दुकान मे आयी।

    एक सेल्समन को धीरे से एक किनारे बुलाया।

    दुकान मालिक अब और भी ज्यादा चौकन्ना हो गया।

    लड़की ने धीरे से एक कागज़ सेल्समन की ओर बढाया और धीरे से फुसफुसायी,
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    "भैया, मेरी एक डॉक्टर के साथ शादी तय हो गयी है। आज उनकी पहली चिठ्ठी आयी है। थोडा पढ़कर सुनायेंगे क्या?