• तारीफ भी पड़ गयी महंगी!

    एक आदमी की शादी को 20 साल हो गए थे लेकिन उसने आज तक अपनी पत्नी के हाथ से बने खाने की तारीफ नहीं की।

    एक दिन जब वो दफ्तर से घर वापस आ रहा था तो रास्ते में उसे एक बाबा मिले। बाबा ने उस आदमी को रोका और कुछ खाने को माँगा तो आदमी ने बाबा को खाना खिला दिया। बाबा आदमी से बहुत प्रसन्न हुए तो उन्होंने आदमी से कहा कि अगर उसे कोई समस्या है तो बताओ, हम उसका हल कर देंगे।

    आदमी बोला, "बाबा जी, बहुत समय से कोशिश कर रहा हूँ लेकिन काम में तरक्की नहीं हो रही।"

    बाबा: बेटा, तुमने अपनी पत्नी के खाने की कभी तारीफ नहीं की। अपनी पत्नी के खाने की तारीफ करो, तुम्हें अवश्य तरक्की मिलेगी।

    आदमी बाबा को धन्यवाद बोल कर चल दिया।

    घर पहुँच कर उसकी पत्नी ने खाना परोसा, आदमी ने खाना खाया और खाने की जम कर तारीफ की।

    पत्नी एक दम से उठी और रसोई घर से बेलन लेकर आई और आदमी की पिटाई शुरू कर दी।

    आदमी: क्या हुआ? मैं तो तुम्हारे खाने की तारीफ कर रहा हूँ।

    पत्नी: 20 साल हो गए आज तक तो खाने की तारीफ नहीं की और आज जब पड़ोसन खाना दे कर गयी है तो तुम्हें ज़िन्दगी का मज़ा आ गया।
  • पति पर निबंध!

    पति एक घरेलू प्राणी है , यह सभी घरों में अनिवार्य रूप से पाया जाता है।

    इस घरेलू प्राणी को पालने का पूरा अधिकार पत्नी नामक ओहदे से सम्मानित महिला को प्राप्त होता है।

    1. इसकी दो आंखे होती है जिससे यह मूक रहकर मात्र देखता है।

    2. इसके दो कान होते है जिससे पत्नी कि डांट फटकार सुनता है।

    3. इसका एक मुख होता है जिसके खुलने पर पूर्णतः पाबंदी होती है।

    4. इसकी इकलौती कटी नाक में अदृश्य नकेल होती है।

    5. यह काफी कुछ मनुष्य से मिलता जुलता प्राणी होता है।

    6. वैसे पति होने से पूर्व यह मनुष्य कि श्रेणी में होता है।

    पति के प्रकार

    जोरू का गुलाम: यह प्रजाति हमारे देश में बहुतायत रूप से पायी जाती है। इस प्रजाति के पति टिकाऊ, मेहनती, सीधे व वफादार होते है। यह उम्दा नस्ल के होते है। डांट, मार, गालियाँ इन पर प्रभावहीन होती है। पालने के लिए यह पति सबसे अच्छे होते है।

    जोरू का बादशाह: यह प्रजाति धीरे धीरे लुप्त होती जा रही है इसलिए सरकार जल्द ही इनके संरक्षण के लिए "बादशाह पति संरक्षण " नामक अभियान चलने जा रही है।

  • शाश्वत सत्य वचन!

    लीजिये कुछ शाश्वत सत्य वचन:

    1. अगर किसी लडके ने किसी लड़की से 'हाय/हैलो' कहा है तो वो इसे केवल 'हाय/हैलो' ही समझती है। इसके उल्ट अगर किसी लड़की ने किसी लडके को 'हैलो' कहा तो लड़का इसको केवल 'हैलो' नहीं समझेगा।

    2. अगर लड़का 'हैलो' को केवल 'हैलो' समझना भी चाहेगा तो उसके दोस्त ऐसा नहीं होने देंगे, आख़िर दोस्त होते ही किस दिन के लिए हैं।

    3. लड़के जिनकी गर्लफ्रेंड होती है और जिनकी नहीं होती है, में केवल एक फर्क होता है, पहले वाले लोग 'लड़कियों से बात करते हैं' और दूसरे वाले 'लड़कियों के बारे में बात करते हैं'।

    4. इंजीनियरिंग कालेज छोड़ दिए जाएँ तो संसार में सुन्दर लड़कियों की कोई कमी नहीं है।

    5. जो इंजीनियरिंग कालेज जितना अच्छा होगा वहाँ लड़कियों की गुणवत्ता कालेज की रैंक के व्युत्क्रमानुपाती होगी।

    6. आपके मित्र कभी नहीं चाहते कि आपकी कोई गर्लफ्रेंड बने, वरना वो कैंटीन में किसके साथ बैठ कर मौज करेंगे।

    7. कालेज में लड़कियों के पीछे पंजीकरण बिल्कुल मुफ्त होता है, बन्दा साल में दो बार लड़की से बात नहीं करेगा लेकिन कैंटीन में हमेशा 'मेरी वाली'/'तेरी वाली' संबोधन से ही बात होगी।
  • शर्मीली बुढिया!

    एक बार एक बूढी महिला अपने घर के आँगन मैं बैठी स्वेटर बुन रही थी कि तभी अचानक एक आदमी उसकी आँख बचाते हुए उसकी कुर्सी के नीचे बम रख कर भाग गया।

    आदमी को इतनी जल्दी में भागते हुए देख, कुछ लोगों को शक हुआ तो उन्होंने आँगन में झाँक कर देखा तो उनकी नज़र बुढिया की कुर्सी के नीचे रखे बम पर पड़ी।

    यह देख कर उन लोगों ने बुढिया को आगाह करने के लिए घर के बाहर से ही चिल्लाना शुरू कर दिया "बुढिया बम है, बुढिया बम है।"

    यह शोर-गुल सुन कर बुढिया एक पल के लिए चौंकी और फिर शर्माते हुए बोली, " अरे अब वो बात कहाँ, बम तो मैं जवानी में होती थी।"