• बूढ़े की जवानी!

    सत्तर साल के एक बूढ़े ने बीस साल की एक लड़की से शादी की तो उसके दोस्त ने उसे लानत देते हुए कहा,"इस उम्र में शादी करने की क्या सूझी थी? अब किसी को अपना मकान किराये पर मत देना।"

    बूढे ने सिर हिला दिया।

    कुछ महीने बाद उनकी दोबारा मुलाक़ात हुई तो दोस्त ने पूछा,"तुम्हारी पत्नी का क्या हाल है?"

    बूढ़ा: उसे बच्चा होने वाला है।

    दोस्त: कमाल है!

    बूढ़ा: इसमें कमाल की क्या बात है?

    दोस्त: कोई किरायेदार तो नहीं रखा।

    बूढ़ा: रखा नहीं, रखी थी।

    दोस्त: फिर।

    बूढ़ा: अब उसको भी बच्चा होने वाला है।
  • कार्बन पेपर से ठुकाई!

    एक बार एक अंग्रेज बीच पे नंगा हो कर उल्टा लेटा था। तभी वहाँ से एक नीग्रो गुज़रा तो अंग्रेज की गांड देख कर नीग्रो का लंड खड़ा हो गया। नीग्रो से सोचा कि क्यों ना अंग्रेज की गांड मारी जाये। यह सोच कर नीग्रो ने अंग्रेज की गांड में अपना लंड डाला और उसे चोदना शुरू कर दिया।

    जब नीग्रो पूरे जोश में अंग्रेज की गांड मार रहा था तभी वहाँ दूसरा अंग्रेज आ गया। उसने नीग्रो को अंग्रेज की गांड मारते देखा तो उसे अपनी जात की बेइज्जती महसूस हुई। इसलिए उस अंग्रेज ने अपना लंड नीग्रो की गांड में डाला और उसे चोदन शुरू कर दिया।

    अब गोरे के ऊपर काला और काले के ऊपर गोरा।

    इतने में वहाँ संता भी आ पहुंचा, और वहाँ का नजारा देख कर हैरान हो गया और बोला, "इनकी माँ का भोसड़ा, बहनचोद गांड तो हमने भी बहूत मारी पर साला कार्बन पेपर लगा कर कभी नहीं मारी।"
  • नाराज़ मत होना!

    लडकी अपने बॉयफ्रेंड से: चलो आज एक दूसरे से गाली दे कर बात करते हैं।

    लडका: नही तुम नाराज हो जाओगी।

    लडकी: चल कुत्ते

    लडका: चल कुत्ती

    लडकी: चल कमीने

    लडका: चल कमीनी

    लडकी: चल पागल

    लडका: चल पगली

    लडकी: चल चुतिये, हरामजादे

    लडका: चल रंडी, मादरचोद, तेरी माँ का भोसडा, बहन की लौड़ी, टके टके पे चुदवाने वाली, तेरी तरह तेरी बहन को भी चोदूगां, साली आजा तेरी गांड मारता हूँ बहनचोद, मादर चोद की बच्ची, लौड़ा फ़ेंक के मारूंगा यहाँ से तो गायब हो जाएगी रंडी साली।

    लडकी (रोते हुए): आज से हमारा रिशता खत्म।

    लडका: अरे जानू सुनो तो... मैंने कहा था तुम नाराज़ हो जाओगी।
  • सील जाँच लेना!

    मोनू के पापा मम्मी आपस मे बात कर रहे थे।

    पापा: शर्मा जी का फोन आया है उन्हे अपना मोनू बहुत पसंद है, वो आज शाम अपनी बेटी को लेकर बात पक्की करने आ रहे हैं।

    मम्मी: ये तो बहुत अच्छी खबर है।
    (यह बात मोनू ने भी सुन ली वो खुशी से उछलता हुआ अपने कमरे मे चला गया।)

    मम्मी: मेहमान आ रहे हैं और गैस का सिलेंडर भी खत्म होने वाला है।

    पापा: मैं ऑफिस से फोन लगा दूँगा, लडका आकर सिलेंडर दे जायेगा।

    मम्मी: पर मुझे तो बाजार जाना है।

    पापा: मोनू तो रहेंगा न घर पर उससे कह देता हूँ।

    (पापा ने मोनू को आवाज लगाई।)

    मोनू: जी पापा।

    पापा: बेटा आज वो आयेगा...

    तभी बीच में ही बात काटकर खुश होते हुए मोनू बोला, "मुझे पता है, मैंने आपकी बाते सुन ली थी।

    (मोनू के दिमाग में शर्मा जी और उनकी बेटी थी।)
    पापा: हाँ तो बेटा वो आए ना तो यह जरूर देख लेना कि सील पैक तो है, अगर सील टूटी हुई हो तो इनकार कह देना।
    (मोनू के पसीने छूट गए, इससे पहले वो कुछ कहता मम्मी बोल पडी।)

    मम्मी: अरे आपको नहीं पता है, आज-कल सभी सील टूट कर ही आती हैं। गुप्ता जी के यहाँ भी सील टूटी आई, माथुर जी के यहां भी सील टूटी, वहां के लोग आज-कल सील तोडकर जांच करते हैं ताकि जिसके घर जाये उसको कोई परेशानी न हो।

    पापा: ऐसे कैसे, सील तोडनी जरूरी है तो हमारे सामने हमारे घर मे आकर तोडो ना।
    (इससे पहले कि मोनू बेहोश होता पापा बोले।)

    पापा: और हाँ मोनू आज वो शर्मा जी और उनकी बेटी बात पक्की करने आ रहे हैं।

    मोनू पसीना पोछकर: अभी आप इतनी देर से सील टूटने कि किसकी बात कर रहे थे?

    पापा: गैस सिलेंडर की, हरामखोर तू किसकी समझ रहा था?

    मोनू: शर्मा जी की बेटी की।
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